कोरबा

कुसमुण्डा खदान से ऐसे होती थी कोयले की कालाबाजारी, पढि़ए कौन-कौन हैं शामिल, कितने हुए गिरफ्तार

खदान में लावारिश लोड गाड़ी खड़ी होने की सूचना पर प्रबंधन ने पतासाजी की। ट्रेलर पर लोड कोयले की दोबारा वजन किया गया। इसमें गाड़ी की परिवहन क्षमता से लगभग आठ टन माल अधिक मिला।

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Apr 07, 2019
कुसमुण्डा खदान से ऐसे होती थी कोयले की कालाबाजारी, पढि़ए कौन-कौन हैं शामिल, कितने हुए गिरफ्तार

कोरबा. एसईसीएल की कुसमुंडा खदान से कोयले की कालाबाजारी के एक बड़े खेल का पुलिस ने भांडाफोड़ किया है। एसईसीएल के दो कांटा बाबू, एक ड्राइवर, गाड़ी मालिक और हेल्पर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी पर षड्यंत्र रचकर कोयले की चोरी का आरोप है। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में रविवार दोपहर तक कुसमुंडा खदान से रोड सेल के जरिए होने वाला कोयला परिवहन बाधित हुआ।

पुलिस ने बताया कि पिछले हफ्ते बुधवार को एसईसीएल की कुसमुंडा खदान से ट्रेलर सीजी १० सी १६२७ पर कोयला लोड करके कांटाघर नंबर १३ से बाहर भेजा जा रहा था। ट्रेलर पर क्षमता से अधिक कोयला लोड होने की संदेह पर केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के सिपाही ने गाड़ी को रोक लिया। चालक को दोबारा कोयले की वजन कराने के लिए कांटाघर भेज दिया। इसके बाद चालक कांटाघर नंबर १४ के पास ट्रेलर को खड़ी करके भाग गया। बुधवार को रातभर व गुरुवार को दिनभर ट्रेलर कांटाघर नंबर १४ के करीब खड़ी रही।

खदान में लावारिश लोड गाड़ी खड़ी होने की सूचना पर प्रबंधन ने पतासाजी की। ट्रेलर पर लोड कोयले की दोबारा वजन किया गया। इसमें गाड़ी की परिवहन क्षमता से लगभग आठ टन माल अधिक मिला। एसईसीएल ने ट्रेलर को पकड़कर कुसमुंडा पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस पांच दिन से जांच कर रही थी। पुलिस ने पांच लोगों को कोयला चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसमें ग्राम भठौरा निवासी हेमंत कुमार राठौर, एसजीपी कॉलोनी कुसमुंडा निवासी नर्मदा प्रसाद साहू, ट्रक मालिक व ड्राइवर मन्नु कुमार, ड्राइवर एल्या बेंजामिन और हेल्पर शरण सारथी शामिल है। सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

हेमंत और नर्मदा एसईसीएल कर्मी
पुलिस ने बताया कि हेमंत और नर्मदा एसईसीएल कर्मी है। उनकी पदस्थापना कुसमुंडा के कांटाघर नंबर १३ में है। एल्या बेंजामिन जोगी झभरी बिलासपुर, मन्नु फुटहामुडा और रमन कोडार पाली का रहने वाला है।

ऐसे होती थी कालाबाजारी
पुलिस ने बताया कि जिन गाडिय़ों पर ओवर लोड करके कोयले की कालाबाजारी की जाती थी, उसका कांटा नहीं कराया जाता था। यह खेल कांटाबाबू की मिली भगत से चल रहा था। पुलिस को जांच में पता चला है कि गिरफ्तर में आई ओवर लोड गाड़ी सीजी १० सी १६२७ का कांटा नहीं किया गया था। इसे बिना कांटा किए गेट से बाहर निकाला जा रहा था। इस गाड़ी के ड्राइवर को जो लोडिंग पर्ची दी गई थी, वह दूसरी गाड़ी का था। उस गाड़ी का वजन दो बार किया गया था। पहली बार गाड़ी के नंबर को पर्ची में सही लिखा गया था। दूसरी बार वजन करते समय दूसरी गाड़ी का नंबर और वजन पहली गाड़ी का लिखा हुआ था।

दोपहर तक बंद रहा रोड सेल
कांटा बाबू के गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही कांटा घर के कर्मी एकजुट हो गए। कांटा घर पर काम बंद कर दिया। इससे रोड सेल को होने वाला कोयला परिवहन बंद हो गया। गाडिय़ां ने तो गेट से बाहर आ रही थी। न ही खाली गाड़ी अंदर जा रही थी। लोडिंग बंद होने की सूचना पर प्रबंधन हरकत में आया। बातचीत कर दोपहर डेढ़ बजे लोडिंग चालू की गई।

Published on:
07 Apr 2019 08:27 pm
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