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Kusmunda Mine Accident: कुसमुंडा मेगा प्रोजेक्ट में बड़ा हादसा, 60 टन का डंपर पलटने से ऑपरेटर घायल

Korba Dumper Accident: कोरबा के एसईसीएल कुसमुंडा मेगा परियोजना में बड़ा हादसा हुआ, जहां 60 टन का डंपर कोयला फेस में पलट गया। हादसे में डंपर ऑपरेटर राघवेंद्र घायल हो गए।

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Kusmunda Mine Accident

कोरबा कोल खदान में हादसा (फोटो सोर्स: पत्रिका)

Kusmunda Mine Accident: छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित एसईसीएल कुसमुंडा मेगा परियोजना में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। कोयला फेस में डंपिंग के दौरान 60 टन वजनी डंपर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे डंपर ऑपरेटर राघवेंद्र घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान डंपर तीन बार पलटा। ऑपरेटर ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद खदान में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

Kusmunda Mine Accident: कोयला फेस में डंपिंग के दौरान बिगड़ा संतुलन

मिली जानकारी के अनुसार, डंपर ऑपरेटर राघवेंद्र नियमित डंपिंग कार्य के तहत कोयला फेस (coal face) में पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक डंपर का संतुलन बिगड़ गया और वाहन अनियंत्रित होकर कोयला फेस से नीचे जा गिरा। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, डंपर ऊपर से स्लाइड होते हुए करीब तीन बार पलटा और नीचे जाकर सीधा हो गया। 60 टन वजनी वाहन के इस तरह पलटने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

ऑपरेटर ने कूदकर बचाई जान

हादसे के दौरान ऑपरेटर राघवेंद्र ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते वाहन से छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि, कूदने के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और तत्काल इलाज के लिए अस्पताल (hospital) भेजा गया। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंच गए। तकनीकी टीम (technical team) ने हालात का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था (security arrangements) की समीक्षा शुरू कर दी। भारी-भरकम डंपर को सीधा करने के लिए क्रेन की मदद ली गई। काफी मशक्कत के बाद वाहन को सुरक्षित स्थिति में लाया जा सका।

Kusmunda Mine Accident: कर्मचारियों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

घटना के बाद कर्मचारियों ने खदान प्रबंधन (Quarry Management) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं और जमीनी स्तर पर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे, जिससे ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं। गनीमत यह रही कि दुर्घटना के वक्त आसपास कोई अन्य कर्मचारी या वाहन मौजूद नहीं था। अगर वहां और लोग होते, तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था।