Man ate poisonous snake: जिस करैत सांप को देखकर लोगों को डर लगता है। रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उसे कोरबा के दो युवक खा गए। सांप का जहर युवकों की शरीर में धीरे-धीरे फैलने लगा। जानें फिर क्या हुआ
कोरबा. Man ate poisonous snake: अगर कोई इंसान करैत सांप को खा जाए तो यह सुनकर आपको कैसा लगेगा। वह भी तब जब वह खुद सांप से डरता हो। जी, हां यह मामला छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर का है। दो दोस्त मिलकर एक करैत सांप को खा गए। एक ने सांप के मुंह को तो दूसरे ने पूंछ को खा लिया। इसके थोड़ी देर बाद दोनों युवक की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें कोरबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।
मामला कोरबा शहर के वार्ड क्रमांक 4 देवांगनपारा का है। इंदिरा मोहल्ले में जैतखाम के पास रहने वाले सुंदर आनंद के घर रविवार की देर शाम एक करैत सांप निकला था। इसेे देखकर परिवार के एक सदस्य डर गए। खुद की सुरक्षा के लिए परिवार के एक सदस्य ने डंडे से सांप को मार दिया। जलाकर घर के बाहर फेंक दिया। इस बीच देर रात राजू जांगड़े और हितेन्द्र आनंद बस्ती में पहुंचे। मरे हुए सांप पर उनकी नजर पड़ी। दोनों ने सांप को उठा लिया। उसे आपस में बांट लिया। एक युवक सांप का मुंह खा गया। दूसरे ने सांप की पूंछ को दांतों से दबाकर आहार बना लिया।
इसके थोड़ी देर बाद दोनों युवकों की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी होन लगी। बेहोशी की हालत में दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों का इलाज जारी है। घटना के समय दोनों युवक शराब की नशे में थे। सूचना पर देर रात कोतवाली पुलिस देवांगनपारा पहुंची। स्थानीय लोगों से घटना की जानकारी प्राप्त किया। पुलिस को दिए बयान में हितेंद्र ने कहा कि देवांगनपारा में बारिश के दिन में सांप अधिक निकल रहे हैं। इससे लोग डरे हुए हैं। सांप लोगों को नहीं डंस सके इसलिए दोनों ने सांप को खा लिया। पुलिस ने घटना स्थल से सांप के जले अवशेष को जब्त कर परिवार का बयान दर्ज किया है। इसमें पता चला है कि सांप करैत प्रजाति का था।
बता दें की मानसून (Monsoon) आते ही छत्तीसगढ़ में गांव से लेकर शहरों तक में सांपों का खतरा मंडराने लगा है। बारिश के बाद जमीन के अंदर बिल बनाकर रहने वाले सांप बाहर आ जाते हैं। बिल में पानी भर जाने के बाद सांप रहवासी क्षेत्रों में प्रवेश करने लगते हैं। करैत भारत में पाए जाने वाले 4 सबसे जहरीले सांपों में से एक है। करैत रात अंधेरे में निकलता है। इसी वजह से ज्यादातर नींद के दौरान इसके काटने का पता भी नहीं चलता है। बहुत हल्का दर्द होने से कई बार नींद में ही मौत जाती है।