दो एसईसीएल कर्मी सूदखोरों के चंगुल में फंसे, आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर पुलिस ने भेजा जेल
चिरमिरी. सूदखोर पिता-पुत्र ने 2 एसईसीएल कर्मियों को 10 फीसदी ब्याज पर डेढ़ लाख रुपए दिए थे। इसके एवज में ब्लैंक चेक साइन कराकर अब तक उनसे करीब 27 लाख रुपए वसूल चुके थे। इसकी शिकायत पीडि़तों ने थाने में की तो पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
कोरिया जिले के चिरमिरी थाना प्रभारी विनीत दुबे ने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज ने क्षेत्र में ब्याजी कारोबार की जानकारी मिलने पर पर पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया था। मामले में चिरमिरी पुलिस ऐसे कार्यों की रोक थाम करने के लिए पतासाजी कर रही थी।
इसी बीच मुखबिर के माध्यम से आरोपी कोरिया कालरी निवासी बलराम खटिक अपने साथियों साथ मिलकर शहर में ब्याज देने का अवैध कार्य करने की जानकारी मिली। सूदखोर से कोरिया कालरी निवासी प्रार्थी देवचंद से 70 हजार रुपए एवं प्रार्थी हीरालाल से 80 हजार हजार रुपए उधार लिए थे।
आरोपी बलराम खटिक और राहुल खटिक द्वारा उन्हें 10 प्रतिशत पर ब्याज पर कर्जा दिया गया था। प्रार्थी की शिकायत एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर थाना चिरमिरी में धारा 384, 420, 120 बी, 506 एवं कर्जा एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।
प्रथमदृष्ट्या अपराध घटित होने पर आरोपी बलराम खटिक पिता रामेश्वर प्रसाद (45) एवं राहुल खटिक पिता बलराम खटिक (28) को कोरिया कालरी वार्ड क्रमांक-8 से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक ओम शंकर साहू, ममता केरकेट्टा, राकेश वर्मा, सहायक उप निरीक्षक लवांग सिंह, अमर जयसवाल, विजय दुबे, दिनेश उइके, प्रिंस रॉय, हरीश शर्मा, सुरेश गौण व जय ठाकुर शामिल थे।
ब्लैंक चेक कराया था साइन
थाना प्रभारी विनीत दुबे ने बताया कि विवेचना के दौरान प्रार्थी के बैंक खाता से जानकारी मिली है, जिसमें आरोपी पिता-पुत्र ने धोखाधड़ी और जबरदस्ती ब्लंैक चेक में हस्ताक्षर करा कर दो प्रार्थी के खाते से डेढ़ लाख रुपए के एवज में अभी तक 26 से 27 लाख रुपए वसूल लिए है। मामले में बैंक स्टेटमेंट भी मिल चुका है।