
Administration team in action (Photo- Patrika)
बैकुंठपुर। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जिल्दा से 246.75 मीट्रिक टन रासायनिक खाद गायब कर दिया गया था। जनसमस्या निवारण शिविर में आई शिकायत के बाद प्रशासनिक टीम ने जब स्टॉक (Huge Fertilizers Scam) का मिलान किया तो मामला सामने आया। गायब खाद की कीमत 68 लाख रुपए है। पता चला कि समिति प्रबंधक ने किसानों की जगह बिचौलियों को खाद बेच दिया है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने समिति प्रबंधक अखिलचन्द को निलंबित कर दिया है। वहीं उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। मामले में समिति प्रबंधक के खिलाफ बैकुंठपुर थाना में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अम्बिकापुर के नोडल अधिकारी केपी मिश्रा ने थाना बैकुंठपुर में आवेदन प्रस्तुत किया है। इसमें बताया गया है कि जनसमस्या निवारण शिविर में शिकायत (Fertilizers Scam) मिलने बाद खाद गड़बड़झाला का मामला सामने आया। ग्राम जिल्दा निवासी रामप्रताप साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी।
इसमें बताया गया था कि किसानों के लिए आवंटित रासायनिक खाद को समिति प्रबंधक ने बिचौलियों को औने-पौने दाम में बेच दिया है। इससे किसानों को खेती-किसानी के लिए खाद (Fertilizers) नहीं मिल पा रहा है। शिकायत के बाद एसडीओ कृषि धनंजय सोनी, उर्वरक निरीक्षक पुष्पा ठाकुर, नायब तहसीलदार पोड़ी बचरा देव प्रसाद यादव, सहायक पंजीयक सहकारिता आयुष प्रताप सिंह की मौजूदगी में समिति के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया।
इस दौरान ऑनलाइन रेकॉर्ड के अनुसार समिति में कुल 431.55 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध होना दर्शाया गया था। जबकि गोदाम में मात्र 184.80 मीट्रिक टन उर्वरक (Scam in fertilizers) पाया गया। मामले में कुल 246.75 मीट्रिक टन उर्वरक कम पाया गया। इसकी अनुमानित कीमत 68 लाख बताई गई है। समिति को फरवरी से अप्रैल तक सबसे ज्यादा 336.550 मीट्रिक टन खाद आपूर्ति की गई थी। साथ ही इससे पहले भी खाद उपलब्ध कराई गई थी।
जांच रिपोर्ट के आधार और कलेक्टर के निर्देश पर समिति प्रबंधक (Society manager) अखिलचन्द को निलंबित कर दिया गया है। वहीं निलंबित प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर बैकुंठपुर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि जिला विपणन संघ से आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जिल्दा को यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी खाद (Fertilizer scam in Koria) आवंटित किया गया था। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि समिति प्रबंधक ने आवंटित खाद किसानों को वितरण के बजाय बिचौलियों को बेचा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक नए गोदाम में रातों-रात खाद (Koria fertilizers scam) भरकर रखा गया। प्रमाण के तौर पर जमीन पर खाद बिखरा पड़ा है। खाद वितरण में गड़बड़ी और भंडारण में लापरवाही के बाद 4 गोदाम को सील कर दिया गया था। मामले में संयुक्त टीम ने दोबारा खोलकर निरीक्षण करने के बाद दोबारा गोदाम को सील कर दिया था। दूसरी ओर जांच के समय समिति प्रबंधक मोबाइल बंद कर फरार हो गया था।
यरिया- 71.550
डीएपी- 120.00
एनपीके- 120.00
पोटाश- 25.00
कुल- 336.550
(खाद की मात्रा टन में)
Published on:
21 May 2026 06:28 pm
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