कोटा

राजस्थान के 51 गांवों और 16 ढाणियों का सपना होगा साकार, इस परियोजना का 80% काम पूरा, जल्द मिलेगी बड़ी खुशखबरी

गांव-ढाणियों की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन बहुप्रतीक्षित बोराबास-मण्डाना (रेट्रोफिटिंग) पेयजल परियोजना अब अंतिम चरण की ओर है।
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Jun 07, 2025
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बोराबास-मण्डाना (रेट्रोफिटिंग) का कार्य अंतिम चरण में (फोटो: पत्रिका)

लम्बे समय से पेयजल के लिए जूझते विधानसभा क्षेत्र लाडपुरा, रामगंजमण्डी और सांगोद के 51 ग्राम एवं 16 ढाणियों की वर्षों की प्यास बुझने की आस अब जल्द पूरी होने वाली है। इन गांव-ढाणियों की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन बहुप्रतीक्षित बोराबास-मण्डाना (रेट्रोफिटिंग) पेयजल परियोजना अब अंतिम चरण की ओर है। परियोजना का 80 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष रहे परिवारों को अगस्त माह के अंत तक नल से जल मिलने की उम्मीद है।

विधानसभा क्षेत्र लाडपुरा, रामगंजमण्डी व सांगोद के इन 51 ग्राम एवं 16 ढाणियों में बरसों से लोग पेयजल संकट से जूझ रहे थे। सार्वजनिक हैडपम्प और ट्यूबवैल का सहारा था। गर्मी आते-आते हालात यह हो जाते थे कि ये जलस्रोत भी रीत जाते थे और टैंकरों के सहारे इन क्षेत्रों की प्यास बुझाने के जतन किए जाते थे। इस जल संकट को दूर करने के लिए परियोजना के जल्द ही पूर्ण होने की उम्मीद है, जिससे ये गांव-ढाणियां हर घर नल से जल का सपना साकार करेंगी।

परियोजना में 11 हजार 517 परिवार होंगे लाभान्वित

परियोजना के अधिशासी अभियंता पुरुषोत्तम सिंघल ने बताया कि अब तक पूर्ण हुए कार्य के परिणामस्वरूप लगभग 6 हजार परिवार नल से जल ले रहे हैं। परियोजना में 11 हजार 517 परिवारों को लाभान्वित किया जाना है, जिसके विरुद्ध 8 हजार से अधिक पेयजल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इनमें शीघ्र ही घरों में नल से जल उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत कुल स्वीकृत जल सम्बन्धों की संख्या 12248 एवं आईएमआईएस पोर्टल के अनुसार जल संबंध की संख्या 11517 है। कुल 386.315 किलोमीटर पाइप लाइन में से 330 किमी पाइपलाइन डाल दी गई है। 8644 जल कनेक्शन कर 70.57 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।

44.43 करोेड़ की राशि खर्च, 9 उच्च जलाशय बनेंगे

बोरावास मंडाना परियोजना (रेट्रोफिटिंग) वर्ष 2053 की अभिकल्पित लाभान्वित जनसंख्या कुल 83207 एवं जल मांग 9.3 एमएलडी को लक्ष्य रखकर बनाई गई है। वर्तमान में 44.43 करोेड व्यय हो चुके हैं। भौतिक प्रगति 80 प्रतिशत हो चुकी है। बोरावास मंडाना पेयजल परियोजना के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति 2021 में राशि 88.43 करोड़ एवं तकनीकी स्वीकृति 74.05 करोड की जारी की गई थी।

मध्य में आए तकनीकी व्यवधानों को दूर कर अब पूरी गति से योजना को पूर्णता देने का कार्य चल रहा है। परियोजना में 9 उच्च जलाशय, दो स्वच्छ जलाशय, 3 पम्प गृह बनाए जाने हैं। इन संरचनाओं का निर्माण प्रक्रियाधीन है।

Updated on:
07 Jun 2025 12:19 pm
Published on:
07 Jun 2025 12:19 pm