पत्नी व बेटे की हत्या से नीरज का बुरा हाल था। वह एक ही बात कह रहा था, बड़ी मुश्किल से पत्नी को उसके प्रेमी के चंगुल से छुड़ाकर लाया था।
कोटा . पत्नी व बेटे की हत्या से बेहाल नीरज पाराशर का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार बार यही कह रहा था कि बड़ी मुश्किल से पत्नी को उसके प्रेमी के चंगुल से छुड़ाकर लाया था। उसके बेटे का क्या कसूर था, जिसे भी उसने मार दिया।
नीरज ने बताया कि मुरैना निवासी चंद्रकांत पाठक उर्फ दिलीप उनकी पत्नी का अपहरण कर ले गया था। जब उन्हें इसका पता चला तो वे मुरैना गए और उसे अपने साथ वापस लेकर आए थे। जब से वह पत्नी को लेकर आया, तब से वह घर से बाहर भी नहीं जा रहा था। काम भी ठप सा हो गया था। रविवार शाम को सब्जी लेने गया तो पीछे से वारदात हो गई। नीरज ने चंद्रकांता पाठक पर पत्नी व बेटे की हत्या करने का शक जाहिर किया है। रोते हुए नीरज अपनी मामी से यही कह रहा था कि वह घर से बाहर नहीं जाता तो यह नहीं होता। सब खत्म कर दिया मेरा। अब छोटी बच्ची को कैसे पालूंगा। सूचना पर पहुंचे रिश्तेदार व पड़ोसी उसे सांत्वना देते रहे।
घटना के बाद पड़ोसियों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बताया कि उन्होंने गोली चलने की आवाज तो नहीं सुनी, लेकिन घटना के बाद शोर जरूर सुना था कि मार दिया, मार दिया। कुछ लोगों ने एक व्यक्ति को भागते हुए भी देखा था, लेकिन वह किस वाहन से आया और भागकर कहां गया। यह किसी ने नहीं देखा।
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पहले की दहशत ही नहीं मिटी
भीमगंजमंडी इलाके में संगीन आपराधिक वारदातों की सनसनी कम होने का नाम नहीं ले रही। गत वर्ष आठ दिसम्बर को प्रेमी ने सगाई टूटने से नाराज होकर युवती शाहेनूर को सरेराह चाकूओं से गोद डाला था।
शाहेनूर की हत्या को आठ दिन भी नहीं हुए थे कि भदाना क्षेत्र में गांवड़ी निवासी विनय मीणा (25) की सरियों व धारधार हथियार से हमला कर हत्या कर दी थी।
इससे पहले स्टेशन पर भाजपा कार्यकर्ता और प्रॉपर्टी व्यवसायी दुर्गेश मालवीय का किराएदार दुकानदार भुवनेश ने सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी।