
राजस्थान के करीब 350 बेसिक स्कूल टीचिंग सर्टिफिकेट (बीएसटीसी) कॉलेज की 23000 सीटों के लिए वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय की ओर से 20 मई को आयोजित प्री डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (प्री-डीएलएड ) परीक्षा का परिणाम बुधवार को जारी किया गया। परीक्षा में श्रीगंगानगर जिले की मुस्कान चौधरी ने टॉप किया है, जबकि दूसरे स्थान पर अजमेर की चंचल वैष्णव और तीसरे पर भीलवाड़ा के त्रिलोक बैरागी रहे। परीक्षा परिणाम शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने वीएमओयू के गांधी भवन से जारी किया।
प्री-डीएलएड के कोऑर्डिनेटर डॉ. आलोक चौहान ने बताया कि मुस्कान के 600 में से 537 अंक हैं, उनका नॉर्मलाइज स्कोर 552.6076 है। चंचल के 528 अंक हैं, उनका नॉर्मलाइज स्कोर 551.8310 है, जबकि त्रिलोक के 525 अंक हैं और उनका नॉर्मलाइज स्कोर 551.4906 है।
सफल विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग होगी
23000 सीट्स बीएसटीसी की हैं, जिन पर परीक्षा देने वाले कैंडिडेट का चयन होना है। एक सीट के लिए करीब 20 दावेदार मैदान में होंगे और उन्हें काउंसलिंग के जरिए एडमिशन मिलेगा। 1 जुलाई से उनकी क्लासेस भी कॉलेज में शुरू हो जाएंगी। शिक्षा मंत्री दिलावर ने तीनों प्रतिभागियों से फोन पर बातचीत कर बधाई दी।
6 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा ने बताया कि परीक्षा में 605242 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 497178 यानी 82.16 फीसदी ने परीक्षा दी। पहली पारी में 248255 और दूसरी पारी में 248923 विद्यार्थी बैठे थे। परीक्षा सभी 41 जिला मुख्यालयों के साथ कुछ तहसीलों पर भी आयोजित की गई थी, इसके लिए 1774 केंद्र बनाए गए थे।
परीक्षा में एआइ की मदद ली
वर्मा ने बताया कि जिस तरह से नीट यूजी और सीबीएसई की परीक्षा में गलतियां महसूस की गई, हम असमंजस की स्थिति में थे कि किस तरह से परीक्षा का आयोजन किया जाए। आशंका थी कि ये परीक्षा भी प्रभावित हो सकती है, लेकिन हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य तकनीकों का उपयोग कर परीक्षा को पूरी शुचिता और पारदर्शिता के साथ गोपनीयता से आयोजित किया।
1000 स्कूलों में एआइ की पढ़ाई शुरू करेंगे
शिक्षा मंत्री दिलावर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह 1000 स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई शुरू करने वाले हैं। नई भर्तियों के सवाल पर कहा कि लगातार टीचर्स सेवानिवृत्ति होते हैं, कुछ का देहांत हो जाता है और कुछ नए विद्यालय भी खुलते हैं। ऐसे में टीचर्स की आवश्यकता होती है। जरूरत के अनुसार ही नई भर्ती खोली जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और परीक्षा की गोपनीयता के लिए वीएमओयू की उपयोग ली गई तकनीक के अध्ययन को अन्य एजेंसियों को करना चाहिए। इसके अच्छे परिणाम हैं, इसीलिए सदुपयोग किया जा सकता है।