कोटा

जितना था लगा दिया कम पड़े तो आप ले आईये

डाइट की ओर से शहर में पांचवीं बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार से शुरू हुई। पहले दिन शहर के अधिकतर परीक्षा केन्द्रों पर अव्यवस्थाएं दिखी।

2 min read
Apr 06, 2018
Paper

डाइट की ओर से शहर में पांचवीं बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार से शुरू हुई। पहले दिन शहर के अधिकतर परीक्षा केन्द्रों पर अव्यवस्थाएं दिखी। कहीं पर बिजली-पानी की समस्याएं रही तो कहीं पर फर्नीचर की कमी। अधिकतर बच्चों को जमीन पर पर्चा हल करना पड़ा। कोटड़ी-गोरधनपुरा स्कूल में फर्नीचर न होने पर अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस बुलानी पड़ी, बाद में समझाइश पर माने।

दुरुस्त कराएंगे
इधर, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक नरेन्द्र शर्मा ने बताया कि पांचवीं बोर्ड परीक्षा के पहले दिन कई केन्द्रों का निरीक्षण किया है। केन्द्रों पर अव्यवस्थाएं दूर करने का प्रयास करेंगे। दुर्गाबस्ती में बच्चों से भेदभाव की जानकारी मिली है, जांच की जाएगी। छावनी निजी स्कूल मामले में मान्यता को लेकर अभिभावकों ने मौखिक कहा है, लिखित शिकायत मिलती है तो जांच करवाएंगे।

पढ़ाई सीबीएसई, परीक्षा राजस्थान की दिला रहे

राबामावि गोरधनपुरा में परीक्षा देने आए एक निजी स्कूल के छात्रों के अभिभावकों ने स्कूल प्रबन्धन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। अभिभावकों ने केन्द्र पर जानकारी को पहुंचे एडीईओ का घेराव करते हुए कहा कि स्कूल की मान्यता सीबीएसई से है, बच्चों को पूरे वर्ष सीबीएसई की पढ़ाई कराई गई लेकिन जनवरी में राजस्थान की परीक्षा के फॉर्म भरा दिए। अब बच्चों को परीक्षा देने में कठिनाई हो रही है।

भेदभाव का आरोप

दुर्गाबस्ती स्कूल में परीक्षा के दौरान सरकारी व निजी स्कूल के बच्चों को अलग-अलग कमरों में बिठाकर भेदभाव करने का आरोप अभिभावकों ने लगाया है। अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा में बच्चों को अलग-अलग बिठाने के नियम नहीं है।

राउमावि दादाबाड़ी में बच्चों के जूते चप्पल उतरा दिए गए। जबकि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। कई बच्चों के जूते- चप्पल बदल गए। फर्नीचर नहीं होने से बच्चे नीचे बैठे, जिन बच्चों के पास पेड नहीं था उन्हें जमीन पर प्रश्न-पत्र व कॉपी रखकर कार्य किया। अभिभावकों ने डीईओ को इसकी शिकायत दी है।
गर्मी में बिना पंखों के नीचे बैठाया : राबाउमावि भीमगंजमंडी में बच्चों को भरी गर्मी में खुले बरामदों में बिना पंखों के दरी पट्टी पर बैठकर पेपर देना पड़ा। इससे बच्चों को परेशानी हुई। स्कूल में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं थी।
अभिभावकों ने बरपा हंगामा तो शिक्षा विभाग ने निजी स्कूल से फर्नीचर लाने को कहा
सरकारी परीक्षा केन्द्र पर निजी स्कूल के बच्चों को नीचे बैठाकर परीक्षा दिलाने पर अभिभावकों और स्कूल शिक्षकों के हंगामा करने पर शिक्षा विभाग ने फर्नीचर लाने की जिम्मेदारी निजी स्कूल पर ही डाल दी।

Published on:
06 Apr 2018 12:56 pm