हाड़ौती अंचल में भारी बारिश से बिगड़े हालात, कई मार्ग बंद, पानी में फंसे लोगों को सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला, कोटा के निमोदाहरिजी, बूंदी के नैनवां व कापरेन में बाढ़, कोटा, बूंदी और बारां के स्कूलों में आज अवकाश घोषित
हाड़ौती अंचल में गुरुवार देर रात से शुक्रवार शाम तक भारी बारिश का दौर जारी रहा। इससे कोटा-बूंदी जिले में कई जगह बाढ़ के हालात पैदा हो गए। कोटा के दीगोद उपखण्ड क्षेत्र के निमोदाहरिजी गांव में पानी घुस गया और लोग पानी से घिर गए। हालात बिगड़ने पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के 80 जवानों के साथ सेना मौके पर पहुंची और लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। वहीं बूंदी जिले के नैनवां और कापरेन में भी बाढ़ की िस्थति हो गई।
कोटा संभाग में सर्वाधिक बारिश नैनवां में 13 इंच से ज्यादा (338 एमएम) दर्ज की गई। सुल्तानपुर में 220 एमएम बारिश दर्ज की गई। उधर, कोटा शहर में भी मूसलाधार बारिश हुई। कई कॉलोनियों जलमग्न हो गई। शहर में कई जगह पानी भरने पर लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। प्रशासन ने कोटा-बूंदी और बारां जिले में सरकारी, निजी स्कूलों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में शनिवार का अवकाश घोषित कर दिया है।
बस्तियों को खाली करवाया
सुल्तानपुर में नीमली गांव के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पानी भर गया। मुख्य बाजार में खाड़ी की पुलिया से लेकर मीरा रोड बस स्टैंड तक दुकानों में पानी घुस गया। अमरपुरा और खेड़ली काल्या तालाब ओवरफ्लो हो गया। आसपास की बस्तियों को खाली करवाया जा रहा है। रेस्क्यू टीम बुजुर्गों और बच्चों को गोद में लेकर पानी से बाहर आई।
नैनवां व कापरेन में बाढ़ जैसे हालात
बूंदी शहर सहित जिलेभर में बारिश से सड़कें दरिया बन गई। नैनवां व कापरेन में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। नैनवां में कनकसागर तालाब की पाल से चार फीट ऊपर पानी बह रहा है। नैनवां कस्बे का परकोटा टापू बन गया। तालेड़ा व नमाना पुलिया पर पानी आने से आवागमन बाधित हो गया। बूंदी के नवल सागर झील के गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। इससे नागदी बाजार व सदर बाजार में पानी बह निकला। बीबनवा रोड पर भी पानी आ गया। निचली बस्तियों में पानी घुस आया।
बारां शहर में पांच इंच बारिश, कई जगह जलभराव, रास्ते बंद
बारां जिले में कई हिस्सों सहित शहर में तडकें से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो दोपहर बाद तक जारी रहा। तेज हवा के साथ हुई तूफानी बारिश कहर बनकर टूटी। शहर में दोपहर 2 बजे तक 5 इंच बरसात दर्ज की गई। बारिश का पानी फॉरेस्ट नाले में आने के कारण शहर के कई इलाके पानी में डूब गए। नाकोड़ा कॉलोनी के रास्ते नाले बन गए, इस पर नदियों की तरह पानी बहने लगा। नाले का पानी ओवरफ्लो होने से प्रताप चौक, स्टेशन रोड पर एक से डेढ़ फीट तक पानी भर गया।
नवनैरा और कोटा बैराज के गेट खोले
कोटा बैराज के 3 गेट खोलकर 36 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। ईआरसीपी के कालीसिंध नदी पर बने नवनैरा बांध के पांच गेट खोलकर 95 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ताकली बांध के कैचमेंट में हो रही लगातार बारिश के चलते बांध का 1 गेट खोल 268 क्यूसेक पानी की निकासी की गई।