
Fog Becomes Challenge For Farmers In Kota : कोटा. राजस्थान में सर्दी बढऩे के साथ-साथ एक सप्ताह से लगातार पड़ रहा कोहरा किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। रात व दिन के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं रहा। अभी सरसों, चना व धनिया में फूल आ रहे हैं। पिछले 5 दिनों से सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने से फसलें बर्बाद होने की किसानों को चिंता सता रही है। कोटा सम्भाग में सरसों, चना व धनिया की फसलें करीब 2 लाख हैक्टेयर से ज्यादा है। अभी सरसों में फूल आ रहे हैं और फलियां बन रही हैं। चना व धनिया में भी फूल आ रहे है।
हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार ने बताया कि तेज सर्दी से केवल गेहूं की फसल को फायदा है। 5-7 दिन आगे भी ऐसी ठंड व कोहरा पड़ता रहा तो सरसों, चना, धनिया के फूल मर जाएंगे। बूढ़ादीत निवासी किसान श्याम मालव ने बताया कि नमी के कारण चने व लहसुन की फसल पीली पडऩे लग गई। सरसों व मैथी में चेंपा रोग की शिकायत शुरू हो गई है।कृषि अनुसंधान केन्द्र उम्मेदगंज के सह आचार्य डॉ. हरफूल मीणा ने बताया कि घने कोहरे के चलते पिछले चार पांच दिनों से धूप नहीं निकल रही।
इससे पौधों की ग्रोथ रुक जाएगी और फसल में फंगस लगने का खतरा हो जाएगा। ऐसा ही मौसम रहा तो जिन फसलों में अभी फूल या फलियां बन रही हैं, उसमें नुकसान होने की सम्भावना है। अभी सरसों में फूल के साथ फलियां भी बन रही है। ज्यादा ठंड पडऩे से फलियों में दाना नहीं पड़ पाएगा और पड़ भी गया तो काफी कमजोर होगा, जिसका उत्पादन पर काफी प्रभाव पड़ेगा। धूप नहीं निकली तो सरसों में महुआ (चेंपा) रोग की सम्भावनाएं काफी बढ़ जाएगी। बैंगन, टमाटर व आलू की फसल में रोग लगने की सम्भावनाएं ज्यादा रहेगी।
अभी कोई नुकसान नहीं
अतिरिक्त निदेशक कृषि कोटा सम्भाग खेमराज शर्मा ने बताया कि अभी तक के कोहरे व ठंड से फसलों में कोई नुकसान नहीं हुआ है। अगर धूप नहीं निकलती और पाला पड़ता है तो ही फसलों में नुकसान की सम्भावना होगी। साथ ही बारिश होने से फसलों को फायदा ही होगा।