आईएएस इन्द्र सिंह राव जब बारां कलक्टर थे, तब हमेशा सीना ताने चलते थे, लेकिन जब एसीबी ने कोर्ट में पेश किया गया तो चेहरे पर उदासी थी। अदालत में चारों और मीडियाकर्मी और कैमरा देखकर राव ने गर्दन नीचे कर ली।
कोटा. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर की विशेष टीम ने गुरुवार को 1.40 लाख की रिश्वत मामले में गिरफ्तार बारां से एपीओ किए गए तत्कालीन जिला कलक्टर व आईएएस अधिकारी इन्द्रसिंह राव को जिला एवं सेशन न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने उन्हें एक दिन के पुलिस रिमाण्ड पर सौंप दिया। इसके बाद राव ने नयापुरा थाने के लॉकअप में रात बिताई। इससे पहले एसीबी अधिकारियों ने राव से एसीबी चौकी में करीब तीन घंटे तक लम्बी पूछताछ की। इसमें पीए के जरिये रिश्वत से लेकर जो पत्रावलियां जब्त की थी, उनसे संबंधित प्रश्न पूछे गए। हालांकि इस दौरान राव टालमटोल जवाब देते रहे। पूछताछ के दौरान कई बार तो एसीबी अधिकारी भी झुंझला गए। पीए के बयानों के आधार पर सवाल पूछे गए। कलक्टर के पीए ने एसीबी को दिए बयानों में पेट्रोल पम्प की एनओसी के बदले जो 1.40 लाख रुपए की रिश्वत ली थी, उसमें से तत्कालीन जिला कलक्टर राव के लिए एक लाख रुपए देने की बात स्वीकार की थी।
एसीबी टीम कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच दोपहर 3.30 बजे राव को पेशी के लिए लेकर आई थी। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी राव को एक दिन के रिमाण्ड पर सौंप दिया है। एसीबी ने न्यायालय में रिमाण्ड के पक्ष में तर्क दिया कि अभियुक्त अनुसंधान में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहा है। बाद में एसीबी के अधिकारी राव को लेकर एसीबी चौकी लेकर पहुंचे और पूछताछ शुरू कर दी है।
राव जब बारां कलक्टर थे, तब हमेशा सीना ताने चलते थे, लेकिन जब एसीबी द्वारा कोर्ट में पेश किया गया तो चेहरे पर उदासी थी। अदालत में चारों और मीडियाकर्मी और कैमरा देखकर राव ने गर्दन नीचे कर ली। पत्रकारों के किसी भी सवाल का राव ने कोई जवाब नहीं दिया। वे बिना उत्तर दिए एसीबी की गाड़ी में बैठ गए।
एसीबी जयपुर की स्पेशल सेल के प्रभारी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सी.पी. शर्मा ने कहा कि राव की सम्पत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही और अनुसंधान किया जा रहा है।
यह है मामला
राव के विरुद्ध रिश्वत के मामले में मुकदमा दर्ज है। पीए महावीर नागर ने पूछताछ में कलक्टर के लिए रिश्वत लेना कबूल किया था। जांच में तत्कालीन बारां कलक्टर रहे राव की संलिप्तता के कई साक्ष्य मिले थे। पीए ने कलक्टर ने पूछताछ में स्पष्ट कहा था कि 1.40 लाख की घूस ली है। इसमें एक लाख कलक्टर के और 40 हजार रुपए पीए के थे। एसीबी ने कलक्टर कार्यालय कक्ष, पीए कक्ष व राजस्व शाखा में कई फ ाइलों को खंगाला गया। उन फ ाइलों को कब्जे में लिया, जिससे रिश्वत के मामले की जांच को सही दिशा मिल सके। पीए महावीर नागर फिलहाल जेल में ही है।