लोकेन्द्र सिंह कालवी ने कहा कि वे वह व्यवस्था चाहते हैं जो 29 अक्टूबर 2009 में उत्तर प्रदेश में मायावती ने लागू की थी, जिसमें कहा गया था, कि पहले जांच करो, फिर गिरफ्तार करो
कोटा. राजपूत करणी सेना के स्थापना दिवस पर चित्तौड़ में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में आरक्षण की व्यवस्था की समीक्षा, एक्ट्रोसिटी एक्ट व पद्मावती विषय पर समीक्षा व ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करेंगे। झालावाड़ रोड स्थित पुरुषार्थ भवन में रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में करणी सेना के प्रधान संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने एक्ट्रोसिटी एक्ट (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति ) को लेकर उन्होंने कहा कि वे वह व्यवस्था चाहते हैं जो 29 अक्टूबर 2009 में उत्तर प्रदेश में मायावती ने लागू की थी, जिसमें कहा गया था, कि पहले जांच करो, फिर गिरफ्तार करो। यह व्यवस्था होनी चाहिए।
राम मंदिर का मामला भी सुप्रीमकोर्ट में चल रहा है और यह मामला भी, लेकिन राम मंदिर के लिए अध्यादेश नहीं आ सकता है। इसके लिए आएगा। पदमावत फिल्म के लिए रिव्यू पिटीशन नहीं लग सकती है, इसके लिए आएगा। सरकार को इस बात को समझाना चाहिए।और भी कई बाते हैं। सरकर समझे, यह जो व्यवस्था बनती जा रही है यह गलत है। यह सामाजिक समरता के ताना बाना बिगाडऩे का षडय़ंत्र है।
फिल्म पदमावत को लेकर कालवी ने कहा कि जो भी घटनाक्रम हुआ इससे यह बात तो सिद्ध हो गई कि अब अगले 50 वर्षों तक तो कोई इतिहास से छेड़छाड़ करने का प्रयास नहीं करेगा। इससे पहले उन्होंने सम्मेलन को लेकर कहा कि इस स्वाभिमान सम्मेलन में अन्य समाजों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे।
कोटा में 16 को चर्चा
करनी सेना के जिलाध्यक्ष पुष्पेंन्द्र सिह ने बताया कि इससे पहले 16 सितम्बर को कोटा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें चित्तौड़ में आयोजित सम्मेलन की तैयारियों व व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की जाएगी। इसकी तैयारियां शुरू कर दी है।