8 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan Politics : कोटा में प्रसूताओं की मौत की असल वजह तलाशेगी कांग्रेस, 4 सीनियर नेताओं को दारोमदार

कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दो प्रसूताओं की मौत और कई महिलाओं की किडनी फेल होने के मामले में कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए 'स्पेशल 4' कमेटी का गठन किया है।

3 min read
Google source verification

कोटा

image

Nakul Devarshi

May 08, 2026

Rajasthan Congress - File PIC

Rajasthan Congress - File PIC

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसव के बाद दो महिलाओं की मौत और आधा दर्जन महिलाओं की किडनी फेल होने की दहला देने वाली घटना ने समूचे प्रदेश को झकझोर दिया है। जहाँ एक तरफ सरकार जांच की बात कह रही है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे 'सरकारी हत्या' करार देते हुए अपनी 'स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम' मैदान में उतार दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जो अब इस दुखद घटनाक्रम की अपने स्तर पर अलग से पड़ताल करेगी।

डोटासरा की 'स्पेशल 4' टीम: कौन हैं ये दिग्गज?

कांग्रेस ने इस जांच के लिए ऐसे चेहरों को चुना है जो प्रशासनिक और चिकित्सा क्षेत्र की गहरी समझ रखते हैं।

परसादी लाल मीणा: पूर्व स्वास्थ्य मंत्री, जिन्हें राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं की बारीकियों और कमियों का लंबा अनुभव है।

डूंगर राम गैदर: वरिष्ठ विधायक, जो सरकार को सदन से लेकर सड़क तक घेरने में माहिर हैं।

पुष्पेंद्र भारद्वाज: प्रभारी महासचिव (कोटा जिला), जो स्थानीय स्तर पर साक्ष्यों को जुटाने का काम करेंगे।

विकास महला: प्रदेश अध्यक्ष (चिकित्सा प्रकोष्ठ), जो तकनीकी और मेडिकल पहलुओं की जांच करेंगे कि आखिर 'इंफेक्शन' फैला कैसे?

    3 दिन का अल्टीमेटम

    कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह कमेटी केवल औपचारिकता नहीं करेगी।

    • तत्काल रवानगी: टीम को तुरंत कोटा पहुँचने के निर्देश दिए गए हैं।
    • तथ्यात्मक रिपोर्ट: अगले 3 दिनों के भीतर कमेटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट डोटासरा को सौंपेगी।
    • पीड़ितों के साथ कांग्रेस: पार्टी ने सोशल मीडिया पर लिखा— "हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और सरकार से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हैं।"

    कोटा के अस्पताल में आखिर हुआ क्या था?

    कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज में सीजेरियन सेक्शन (C-Section) के बाद एक के बाद एक कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी।

    • किडनी फेलियर का खौफ: 6 महिलाओं की किडनी ने काम करना बंद कर दिया, जिनमें से 2 की जान चली गई।
    • इंफेक्शन या घटिया दवा? प्रारंभिक कयासों के अनुसार, ऑपरेशन थिएटर (OT) में फैला घातक इंफेक्शन या सर्जरी के दौरान इस्तेमाल की गई दवाओं का रिएक्शन इसकी मुख्य वजह हो सकता है।
    • विधायक का फंसना: इसी अस्पताल में जब भाजपा विधायक संदीप शर्मा सांत्वना देने पहुँचे, तो वे खुद लिफ्ट में फंस गए, जिसने अस्पताल की जर्जर हालत को पूरी दुनिया के सामने ला दिया।

    जवाब दे सरकार : कांग्रेस

    कांग्रेस का यह कदम भाजपा सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

    जवाबदेही का सवाल: परसादी लाल मीणा ने सवाल उठाया है कि जब राज्य में 'जीरो टॉलरेंस' की बात होती है, तो अस्पताल 'बूचड़खाना' क्यों बनते जा रहे हैं?

    मेडिकल नेग्लिजेंस: क्या अस्पताल प्रशासन ने मौतों के आंकड़े छुपाने की कोशिश की? क्या विधायक के दौरे के दौरान डॉक्टर की हंसी इस पूरे मामले को रफा-दफा करने का संकेत थी?