
कोटा.
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत दशहरा मैदान के कायाकल्प के दूसरे चरण के शिलान्यास के साथ ही कोटा में राजनीति गर्मा गई। दशहरा मैदान के काम की रफ्तार पहले से ही नगर निगम के गले की हड्डी बनी हुई है। शनिवार को पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने भी इस परियोजना पर हमला बोला और आरोपों की बरसात कर दी। उन्होंने कहा, दशहरा मैदान को प्रगति मैदान की तर्ज पर विकसित करने की घोषणा हुई थी, लेकिन इसे दुर्गति मैदान बनाकर रख दिया है। उन्होंने कहा, मेले के समय वहां लाखों लोग आते हैं, ऐसे में रास्ते और बाजार चौड़े होने चाहिएं, लेकिन स्मार्ट बनाने के नाम पर उन्हें संकरा कर दिया गया है।
सरकार को घेरा
धारीवाल ने कहा कि कोटा में स्मार्ट सिटी के लिए 300 करोड़ रुपए का बजट आया था, इसमें केवल 25 करोड़ रुपए ही खर्च हो पाए, वो भी दशहरा मैदान में ही हुए हैं। कोटा में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर एक भी आवास नहीं बना, न ही इसके लिए कोई योजना है। कोटा में साढ़े चार साल में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत केवल 1100 आवास स्वीकृत हुए हैं और 340 आवासों का निर्माण हुआ है।
शहर की सडक़ों पर मवेशियों के चक्कर में आए दिन हादसे हो रहे हैं। राह चलते लोग जान गंवा रहे हैं और घायल हो रहे हैं।
पीएम की सभा पर भी बोले
धारीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की रैली के लिए कोटा से 7 हजार लाभार्थियों को लाने का लक्ष्य दिया था, लेकिन बहुत कम लोग गए। इसलिए भाजपा कार्यकर्ता, सरकारी कर्मचारी और मजूदरों को बसों ले गए। उन्होंने आरोप लगाया प्रधानमंत्री की रैली के लिए कोटा कलक्ट्री कार्यालय को भाजपा कार्यालय में तब्दील कर दिया था। यहां अधिकारी इस कार्यक्रम में लोगों ले जाने के लिए मशक्कत करते रहे।
फैक्ट
1456 करोड़ खर्च होंगे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
300 करोड़ कोटा को आवंटित हो गए
146 करोड़ से विकसित होगा दशहरा मैदान
77 करोड़ के कार्य पहले चरण में चल रहे
80 प्रतिशत कार्य हो पाया पहले चरण का
32.65 करोड़ रुपए दूसरे चरण में होंगे खर्च