कोटा स्टोन पर जीएसटी को लेकर संशय दूर होने के बाद अब कोटा स्टोन लदान का काम धीरे-धीरे गति पकडऩे लगा है। तीन दिन में करीब दो सौ गाडिय़ां बाहर भेजी जा चुकी हैं।
कोटा स्टोन पर जीएसटी को लेकर संशय दूर होने के बाद अब कोटा स्टोन लदान का काम धीरे-धीरे गति पकडऩे लगा है। तीन दिन से दिसावर में पॉलिश पत्थर भेजने का कार्य चल रहा है। इस अवधि में करीब दो सौ गाडिय़ां बाहर भेजी जा चुकी हैं। हालांकि कुछ व्यापारियों में अब भी संशय है और वे दिसावर में पार्टियों से बातचीत करके ही माल भेज रहे हैं।
जानकारी के अनुसार रामगंजमंडी क्षेत्र में कुदायला अमरपुरा औद्योगिक क्षेत्र के अलावा सुकेत, ढ़ाबादेह, फुतेहपुर, चेचट रोड, लखारिया में लाइम स्टोन की पॉलिश फैक्ट्रियां संचालित हैं।
प्रतिदिन इनमें रफ पत्थर को प्रोसेसिंग करके तैयार किया जाता है। कोटा स्टोन को वेट में रफ व पॉलिश माल पर दो प्रतिशत की कर श्रेणी में शामिल किया हुआ था। जीएसटी में कोटा स्टोन की श्रेणी स्पष्ट नहीं होने पर पिछले दिनों व्यापारियों ने कोटा स्टोन का लदान बंद कर देने का निर्णय लिया था। एक से तीन जुलाई तक लदान बंद रहा। इससे व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हुआ।
धीरे-धीरे बढ़ रही संख्या
मंगलवार से औद्योगिक क्षेत्र में पत्थर का लदान कार्य शुरू हुआ था। इस दिन करीब तीस गाडिय़ां लगी थी। बुधवार को करीब 50 गाडिय़ों में पत्थर का लदान हुआ। गुरुवार को इसमें तेजी आई और करीब सवा सौ गाडिय़ां दिसावर के लिए विभिन्न ट्रांसपोर्टर्स के माध्यम से लगी। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि देश के विभिन्न प्रांतों में चैक पोस्ट हट चुकी है। केवल गुजरात की चैक पोस्ट कायम है जिस पर पत्थर से भरे हुए ट्रक से फार्म मांगा जा रहा है। गुजरात की साइड से यह फार्म भी निकल रहे हैं। ट्रांसपोर्टर्स इन फार्म को पार्टियों से निकलवाकर फार्म के साथ गाडिय़ों को भेज रहे र्हैं।
अधिकारियों ने की स्थिति स्पष्ट
बाद में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने वाणिज्य कर विभाग कोटा व जीएसटी विभाग के अधिकारियों सेभेंट की। सारे हालात बताने पर उन्होंने लिखित में कोई आदेश नहीं दिया लेकिन कोटा स्टोन को पांच प्रतिशत कर श्रेणी में लेने की बात कही थी। इसी को आधार मानकर व्यापारी दिसावर में गाडिय़ां भेजते समय बिल में कोटा स्टोन बिल्डिंग मैटेरियल का बिल बनाकर पांच प्रतिशत की कर श्रेणी में अपनी पार्टियों को पत्थर भिजवा रहे हैं। खदानों से पांच प्रतिशत कर श्रेणी मेें रफ माल आ रहा है।