
कोटा .
परवन वृहद् सिंचाई परियोजना हाड़ौती के किसानों के लिए वरदान साबित होगी। इस परियोजना का काम पूरा होने पर कोटा, बारां तथा झालावाड़ जिले की दो लाख हैक्टेयर से अधिक जमीन सरसब्ज हो सकेगी। परियोजना से सिंचाई का रकबा बढ़ाने की केन्द्रीय जल आयोग ने मंजूरी दे दी है। परियोजना के कार्य का करीब छह माह पहले केन्द्रीय मंत्री व मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया था।
Read More: 2 हजार दे रहा है या फिर तुझे थाने में बंद करूं....
इसके साथ ही झालावाड़ जिले में अकावद में बांध का काम शुरू हो गया। नहरों के माध्यम से कोटा, बारां व झालावाड़ जिलों में असिंचित क्षेत्र की जमीन सरसब्ज हो सकेगी। पहले इस परियोजना में करीब डेढ़ लाख भूमि को सिंचित किया जाना प्रस्तावित था, पिछले दिनों सिंचाई का रकबा करीब 50 हजार हैक्टेयर और बढ़ा दिया गया है। अब दो लाख हैक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी।
Read More: नीर की पीर: चम्बल किनारे फिर भी प्यासे, 400 बोरिंग होने के बावजूद नहीं मिल रहा पानी
सांगोद के 208 गांव लाभान्वित होंगे
परियोजना में कोटा जिले में सांगोद विधानसभा क्षेत्र को ही सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। पहले सांगोद तहसील के केवल 38 गांव लाभान्वित होने थे। विधायक हीरालाल नागर ने बताया कि अब क्षेत्र के 208 गांव लाभान्वित होंगे।
Read More: पेशी पर हरियाणा ले जाते समय एसआई की गायब हुई सर्विस रिवॉल्वर
तीन गुणा बढ़ गई लागत
इस सिंचाई परियोजना की 2006 में 600 करोड़ लागत आंकी गई थी। 2013 की रिपोर्ट के अनुसार इस परियोजना की कुल लागत 2435.93 करोड़ रुपए पहुंच गई है। पिछले बजट में राज्य सरकार ने 1000 करोड़ रुपए की राशि दी है। इस बजट में करीब 150 करोड़ की राशि मंजूर की है।
फैक्ट फाइल
झालावाड़, बारां और कोटा जिले के करीब 800 गांवों को पेयजल की उपलब्धता होगी| 2.06 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई सुविधा भी प्राप्त हो सकेगी| 462 मिलियन क्यूबेक पानी की क्षमता का अकावद में बांध बनेगा | 435.93 करोड़ की लागत आएगी बांध के निर्माण पर|