कोटा

Rajasthan Famous Temple: कोटा के कैथून में है विभीषण का मंदिर, होली पर लगता है मेला

Rajasthan Famous Temple: लंका विजय में भगवान राम का साथ निभाने वाले भक्त विभीषण का देश में एकमात्र मंदिर कोटा से करीब 15 किमी दूर कैथून में है।

less than 1 minute read
Oct 03, 2023
vibhishana_temple.jpg
कोटा : भक्त विभीषण का देश में एकमात्र मंदिर |

हेमंत शर्मा
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/कोटा। Rajasthan Famous Temple: लंका विजय में भगवान राम का साथ निभाने वाले भक्त विभीषण का देश में एकमात्र मंदिर कोटा से करीब 15 किमी दूर कैथून में है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अनुसार यह मंदिर करीब 2000 साल पुराना है। मेला आयोजन समिति के संयोजक सत्येन्द्र इंदौरिया ने बताया कि होली पर यहां मेला लगता है।

किंवदंती के अनुसार भगवान राम के राज्याभिषेक के बाद विदाई की बेला थी। हनुमानजी व महादेव पृथ्वी भ्रमण की चर्चा कर रहे थे। विभीषण ने यह बात सुनी तो बोले कि भगवान राम ने उन्हें कभी सेवा का अवसर नहीं दिया। मैं आपको पृथ्वी का भ्रमण करवाना चाहता हूं। इस पर महादेव व हनुमानजी ने शर्त रखी कि जहां कांवड़ धरा पर टिक जाएगा, वहीं वे ठहर जाएंगे।

कांवड़ में एक तरफ महादेव व दूसरी तरफ हनुमानजी विराजमान हो गए। यात्रा चलती रही लेकिन कैथून में विभीषण को रुकना पड़ा। शर्त के अनुसार कांवड़ के दोनों पलड़े जहां टिके वहीं महादेव व हनुमानजी विराजित हो गए।

3 मंदिर, दूरी बराबर
कांवड़ में जिधर शिव विराजे थे, वह पलड़ा चारचौमा गांव में टिका, वहां चारचौमा शिव मंदिर है। कावड़ की धूरी का दूसरा पलड़ा रंगबाड़ी में टिका और यह स्थान रंगबाड़ी बालाजी के नाम से प्रसिद्ध हो गया। कैथून में विभीषण का मंदिर है, जहां से ये दोनों मंदिर समान दूरी पर हैं। मंदिर में स्थापित प्रतिमा का केवल शीर्ष नजर आता है। मंदिर के सामने कुंड है, जहां विभीषण के पैर नजर आते हैं।

Published on:
03 Oct 2023 12:11 pm