कोटा

वाहन चालक की लापरवाही ने बुझा दिया घर का इकलोता चिराग

विज्ञान नगर थाना क्षेत्र में गुरुवार को कोचिंग से घर लौटते समय मिनी बस की टक्कर से स्कूटी सवार एक छात्र की मौत हो गई।
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May 04, 2018
Accident
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कोटा . विज्ञान नगर थाना क्षेत्र में गुरुवार को कोचिंग से घर लौटते समय मिनी बस की टक्कर से स्कूटी सवार एक छात्र की मौत हो गई। इकलौते बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

थाने के हैड कांस्टेबल रामप्रताप ने बताया कि तलवंडी निवासी राघव शर्मा (16) पुत्र सच्चिदानंद शर्मा एक कोचिंग संस्थान से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वह दोपहर में स्कूटी पर कोचिंग से घर जा रहा था। झालावाड़ रोड पर राजीव गांधी की मूर्ति के पास पहुंचा ही था कि अनंतपुरा की तरफ से तेज गति से आई एक मिनी बस में उसे पीछे से टक्कर मार दी। इससे वह गिरकर घायल हो गया। हादसा होते ही कोचिंग छात्र व शिक्षक मौके पर पहुंचे। वे उसे लेकर तलवंडी स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। जहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। वहीं बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।

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तीन बहनों में सबसे छोटा
परिजनों ने बताया कि राघव के पिता सच्चिदानंद की भी चार साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। राघव 3 बहनों में सबसे छोटा व अकेला भाई था। इकलौते बेटे का शव जैसे ही घर पहुंचा वैसे ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

दूसरी और हुई ट्रक चालक व मजदूर की मौत
शहर के दो थाना क्षेत्रों में बुधवार देर रात ट्रक चालक व मजदूर की मौत हो गई। रामपुरा कोतवाली थाना क्षेत्र में सरोवर टॉकिज के पास ट्रक चालक रामबाबू एन (50) मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि आंध्रप्रदेश निवासी ट्रक चालक नारियल का ट्रक लेकर आया था। बुधवार शाम को ट्रक खाली करने के बाद वह सरोवर टॉकिज के गेट पर ट्रक खड़ा कर जा रहा था। तभी अचानक चक्कर आने से वह गिर गया। इससे सिर में चोट लगने से उसे साथी उसे एमबीएस लेकर गए। जहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवा दिया। इधर, गुमानपुरा थाना क्षेत्र में नई धानमंडी में एक मजदूर की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि छावनी रामचंद्रपुरा निवासी गणेश (45) मंडी में मजदूरी करता था। वह रात को मंडी में ही सो गया। सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया।

Updated on:
04 May 2018 01:39 pm
Published on:
04 May 2018 01:39 pm
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45 करोड़ की सड़क एक साल में दूसरी बार टूटी, गुणवत्ता पर सवाल यपाटन मार्ग पर करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 22.50 किलोमीटर लंबी सड़क एक वर्ष के भीतर दूसरी बरसात भी नहीं झेल पाई। सड़क एक साल में दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार सुवासा, बाजड और जमीतपुरा गांव के बीच करीब 15 स्थानों पर डामर जगह-जगह से उखड़ गया है और गिट्टी बाहर निकलने लगी है। क्षतिग्रस्त सड़क पर पैचवर्क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को सुवासा कस्बे में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण विशेष रूप से रात्रि के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देने से आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से तत्काल पैचवर्क और सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, तालेड़ा से केशोरायपाटन तक सड़क निर्माण के लिए 45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण कार्य 15 अगस्त 2022 से शुरू हुआ था और इसे सितंबर 2023 तक पूरा किया जाना था, लेकिन सड़क के दोनों ओर लगभग डेढ़ मीटर पटरी निर्माण का कार्य अभी भी कई स्थानों पर अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर लगभग एक वर्ष पूर्व डामरीकरण किया गया था, लेकिन दिसंबर 2025 में सुवासा, बाजड और जमीतपुरा के बीच करीब 20 स्थानों पर सड़क उखड़ गई थी। उस समय संवेदक द्वारा पैचवर्क कर सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन मरम्मत कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। परिणामस्वरूप जुलाई 2026 में दूसरी बरसात शुरू होते ही सड़क फिर से उखड़ गई और कई स्थानों पर गिट्टी निकलने लगी है। लगातार टूट-फूट के कारण सड़क धीरे-धीरे बड़े गड्ढों में तब्दील होती जा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब तीन हजार से अधिक छोटे-बड़े व भारी वाहन गुजरते हैं। यह सड़क नेशनल हाईवे 52 व मेगा हाईवे को जोड़ती है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वाहन चालकों, किसानों, मजदूरों और आसपास के गांवह/वें के लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अभिषेक गुर्जर, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, तालेड़ा ने बताया कि तालेड़ा से सुवासा के बीच कुछ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है और सड़क निर्माण का कुछ कार्य अभी शेष है। संवेदक का पूरा भुगतान अभी नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करने के निर्देश संवेदक को दे दिए गए हैं। सड़क वर्तमान में गारंटी अवधि में है और इसकी मरम्मत संवेदक द्वारा ही कराई जाएगी।