
सांगोद.
यहां राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बोरदा में बच्चों ने मंगलवार को हिंसा -जीव हत्या का पाठ पढ़ा। दरअसल, हुआ यूं कि स्कूल के एक कक्ष में मंगलवार को एक गोयरा उखड़े फर्श पर बने छेद में घुस गया। गोयरा घुसने के बाद यहां हडक़म्प मच गया। इस पर कक्षा कक्ष में पढ़ रहे बच्चे और शिक्षक डर के मारे कक्ष से बाहर निकल गए। बाद में सूचना पर एकत्र हुए ग्रामीणों की मदद से गोयरे को मारकर कक्षा कक्ष से बाहर निकाला गया। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल के कक्षा कक्ष क्षतिग्रस्त होने के कारण में आए दिन ऐसे नजारे देखने को मिलते हैं। विद्यार्थियों को कक्षा-कक्षों के उखड़े फर्श पर बैठकर भविष्य की तालीम लेनी पड़ रही है। फर्श पर बने छेदों में आए दिन जहरीले कीड़े घुस जाते हैं। इससे हमेशा भय बना रहता है। बच्चों के जीवन पर खतरा मंडराता रहता है।
उखड़े पड़े हैं पांच कमरों के फर्श
उल्लेखनीय है कि यहां बरसों से स्कूल के कक्षों की मरम्मत नहीं हुई। पांचों कक्षों के फर्श उखड़े पड़े हैं। करीब दो माह पूर्व मरम्मत के लिए ढाई लाख रुपए भी स्वीकृत हो गए। टेंडर समेत अन्य प्रक्रिया भी ग्राम पंचायत ने पूर्ण कर ली। लेकिन अभी तक भी काम शुरू नहीं हुआ।
विद्यालय प्रशासन भी नाराज-
स्वीकृति के बाद भी कार्य शुरू नहीं होने पर विद्यालय प्रशासन ने भी नाराजगी जताते हुए जल्द कार्य शुरू करने की मांग रखी।
रेती के कारण अटका है कार्य
इधर, मामले को लेकर जब पत्रिकाडॉटकॉम ने दीगोद सरपंच प्रेमलता मीणा से बात की तो उन्होंने कहा कि स्कूल के कमरों की मरम्मत के लिए पूरी तैयारी कर रखी है। लेकिन उच्चतम न्यायालय की ओर से बजरी पर रोक के चलते मरम्मत शुरू नहीं हो पा रही है। जैसे ही रेत की व्यवस्था हो जाएगी, यहां फर्श मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।