
आधुनिक भवन की है रोगियों को दरकार
हिण्डोली. हिण्डोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन यहां आने वाले रोगियों के लिए छोटा पड़ने से रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार पांच दशक से अधिक समय से हिण्डोली स्वास्थ्य केंद्र तहसील रोड पर स्थित है । यहां पर वर्ष 2000 की आबादी के हिसाब से चिकित्सालय का भवन बना हुआ है। उसके बाद आबादी काफी बढ़ जाने व नगर पालिका हो जाने से जनसंख्या में विस्तार हुआ है।अलग से क्षेत्र के विभिन्न गांवों से भी रोगी उपचार के लिए आते हैं।
चिकित्सालय में सीजन में प्रतिदिन 500 से 600 रोगी उपचार के लिए आते हैं । लेकिन परिसर कम होने से रोगियों को बैठने तक की परेशानी होती है । चिकित्सालय में अपनी बारी का इंतजार करने वाले रोगियों को घंटों तक खड़ा रहना पड़ता है।
सीजन में ठसाठस रहते हैं रोगी
मौसमी बीमारी के सीजन के दौरान यहां पर रोगियों की संख्या अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में कस्बे सहित आसपास से आने वाले रोगी चिकित्सालय के गैलरी में खड़े रहते हैं या बैठकर इंतजार करते हैं।
चिकित्सालय को नए भवन की दरकार
चिकित्सालय के सूत्रों ने बताया कि समय के अनुरूप भवन सही था।अब चिकित्सालय भवन छोटा पड़ने लगा है। रोगियों की सुविधा के लिए यहां पर चिकित्सालय में उपरी भाग में आधुनिकरण भवन तैयार हो या आसपास भूमि आवंटन कर बजट स्वीकृत कर नया भवन बनाया जाए।
स्वीकृत 50 बेड, संचालित 30 बेड
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 50 बेड का अस्पताल के रूप में संचालित है,लेकिन यहां पर 30 बेडों पर ही रोगियों का उपचार किया जाता है। वर्ष 2023-24-में 30 बेड का चिकित्सालय 50 बेड में स्वीकृत किया था। ऐसे में यहां पर स्टाफ व चिकित्सकों के पद सृजित हुए थे।लेकिन साढ़े तीन वर्ष होने के बाद भी पुराने संचालित 30 बेड़ो पर ही रोगियों और प्रसूताओं का उपचार किया जा रहा है । जबकि 20 बेड का वार्ड दूसरी मंजिल पर स्थित हैं। लेकिन वह वार्ड लंबे से बंद रहता है।
चिकित्सालय भवन व परिसर अच्छा है। लेकिन समय के अनुरूप रोगी अधिक आने लगे हैं, जिससे कई बार परिसर छोटा पड़ जाता है। यहां पर आधुनिक तरीके से चिकित्सालय का भवन का निर्माण कार्य होना चाहिए। या खुले में नया चिकित्सालय भवन बने, ताकि रोगियों को सुविधा मिल सके।
डा. के. के. मालव, प्रभारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।