
Tiger Shroff Firing Case Latest Update: अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले में गिरफ्तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग के तीन आरोपी रेहान उर्फ सुवका, ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और एक नाबालिग को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया है। आरोपियों को अवकाशकालीन न्यायाधीश के आवास पर पेश किया गया, जहां मुंबई पुलिस ने उनकी ट्रांजिट रिमांड मांगी।
इसके बाद तीनों आरोपियों को मुंबई पुलिस की तीन सदस्यीय टीम को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस टीम तीनों आरोपियों का कोटा में ही मेडिकल टेस्ट करवाई, उसके बाद सड़क मार्ग से लेकर मुंबई के लिए रवाना हो गई। मुंबई पहुंचने के बाद पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर आगे की जांच करेगी।
एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा ने बताया, जब पुलिस किसी आरोपी को उस राज्य या जिले से गिरफ्तार करती है, जहां उसके खिलाफ मामला दर्ज हैं तो उसे संबंधित अदालत तक ले जाने के लिए अधिक दूरी होने से लगने वाले समय के लिए ट्रांजिट रिमांड की जरूरत पड़ती है। पुलिस को कानूनन 24 घंटे में आरोपी को न्यायालय में पेश करना होता है, लेकिन दूसरे राज्य या क्षेत्र से गिरफ्तारी के बाद पुलिस को ट्रांजिट रिमांड मिलने पर आरोपी को यात्रा के दौरान लगने वाले समय के लिए अतिरिक्त समय मिल जाता है। ट्रांजिट रिमांड यात्रा में खर्च होने वाले समय के अतिरिक्त 24 घंटे में उसे मामला दर्ज होने वाले स्थानीय न्यायाधीश के समक्ष पेश करना होता है। इसके लिए मजिस्ट्रेट परिस्थति को देखते हुए ट्रांजिट रिमांड की अवधि स्वीकृत करता है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कोटा एसपी तेजस्विनी गौतम से फोन पर बात कर शूटर्स की गिरफ्तारी पर उनकी हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारी की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। अपराधियों के खिलाफ राजस्थान सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए सीएम भजनलाल शर्मा का सख्त संदेश 'राजस्थान में अपराधी आ नहीं सकता, आएगा तो जा नहीं सकता' एक बार फिर चर्चा में है।
मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में कोटा से तीन आरोपियों को हिरासत में लिए जाने के बाद जांच तेज हो गई है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी वारदात के बाद दिल्ली होते हुए नेपाल भागने की साजिश बना रहे थे। वहीं, घटना के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फायरिंग के पीछे किसका हाथ था और क्या इसका संबंध वास्तव में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से है।
मुंबई पुलिस के डिप्टी कमिश्नर राज तिलक रोशन ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोपियों की गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी दी। लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई की कस्टडी को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पुलिस अदालतों की ओर से तय मानक संचालन प्रक्रिया और कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।
लॉरेंस बिश्नोई पहले दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद पंजाब पुलिस उसे पूछताछ के लिए पंजाब ले गई थी। इस दौरान लॉरेंस ने अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी। इसके बाद उसे अहमदाबाद की साबरमती जेल में शिफ्ट कर दिया गया।लॉरेंस की हिरासत और दूसरे राज्यों में दर्ज मामलों की जांच को लेकर गृह मंत्रालय ने विशेष आदेश जारी किया था। साल 2023 में सीआरपीसी की धारा 268 (1) के तहत जारी आदेश के अनुसार, उसे पूछताछ या दूसरे मामलों के सिलसिले में साबरमती जेल से बाहर स्थानांतरित करने पर रोक लगाई गई थी। यह आदेश मूल रूप से अगस्त 2024 तक प्रभावी था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसे आगे बढ़ाया गया है।
लॉरेंस बिश्नोई के जेल में बंद होने के बावजूद उसके नाम से धमकी देने और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े दावे सामने आते रहे हैं। इससे जेल के भीतर से कथित आपराधिक नेटवर्क के संचालन और बाहरी लोगों से संपर्क को लेकर सवाल उठते हैं। टाइगर श्रॉफ मामले में पुलिस को यह पता लगाना होगा कि वारदात की साजिश किसने रची, आरोपियों को किसने निर्देश दिए और फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां हैं। कोटा से पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी।