जान हथेली पर रखकर भी किसान रातभर इन सर्द भरी रातों में भी अपनी कड़ी मेहनत की कमाई से बोई हुई फसल को नहीं बचा पा रहे है।
चेचट . क्षेत्र के ग्राम रीछडिया में रविवार रात्रि दो आवारा सांड गहरे कुए में गिर गये। जिन्हें बाद में ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद सकुशल निकाला।
क्षेत्र के रीछडिया तमोलिया ढाँकिया दडिया दुड़कली सारनखेड़ी सोहनपुरा मदनपुरा गोंयनदा बुरनखेड़ी भीमपुरा सालेडा अलोद सहित दो दर्जन जंगल की सीमा से लगे गांवों में आवारा पालतू गाये नील गायें जंगली सूअरों ने किसानों की नींद हराम कर रखी है। जान हथेली पर रखकर भी किसान रातभर इन सर्द भरी रातों में भी अपनी कड़ी मेहनत की कमाई से बोई हुई फसल को नहीं बचा पा रहे है।
आवारा पशुओं से हो रहे नुकसान के कारण किसान के अरमान मिट्टी में मिल गए है। रविवार रात को फसल बचाने के लिये किसान भगा रहे दो सांड गहरे कुएं में गिर गए।
पानी ज्यादा होने व सांड से निडर होमगार्ड के जवान बलराम किराड़ ने बहादुरी दिखाते हुए गहरे कुए में उतरकर तैरते हुए सांडों को रस्सों के सहारे बांधा व करीब दो दर्जन ग्रामीणों के सहयोग से सांडों को कुएं से खींचकर जिंदा निकाला ग्रामीणों ने जवान की तारीफ की है।
इस पर खैराबाद पंचायत समिति उपप्रधान मोतीलाल अहीर कांग्रेस एससी प्रकोष्ठ अध्यक्ष भेरूलाल मेघवाल ने क्षेत्र में आवारा जानवरों द्वारा किसानों के खेतों में हो रहे उपज के नुकसान पर चिंता जाहिर की है।