लखीमपुर खीरी के तिकुनिया गांव में बीते वर्ष तीन अक्टूर को एक कार्यक्रम के दौरान हुई हिंसा में 4 किसानों समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया था। जिसके बाद प्रदेश सरकार ने हिंसा मामले की जांच के एक विशेष जांच दल गठित किया था। पूरे मामले की जांच के बाद एसआईटी ने इस घटना को सोची-समझी साजिश करार दिया था ।
लखीमपुर. विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पिछले साल तीन अक्टूबर को हुई लखीमपुर खीरी हिंसा के दौरान भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं की कथित रूप से पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में 12 किसानों को तलब किया है। इनमें से अधिकांश किसानों ने पहले कहा था कि वे मौके पर मौजूद थे। लेकिन हमले में शामिल नहीं थे। उस समय, उन पर 'दंगा' और 'स्वेच्छा से चोट पहुंचाने' जैसी जमानती धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे और उन्हें सीआरपीसी की धारा 41 के तहत एसआईटी अधिकारियों ने छोड़ दिया था। इस मामले में अब तक सात किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एसआईटी मामले में और संदिग्धों की तलाश कर रही है।
आशीष की जमानत पर फैसला 11 को
वहीं लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट 11 जनवरी तक आदेश सुरक्षित रखा। लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा के वकील ने सरकार के काउंटर एफिडेविट का जवाब दाखिल करने का समय मांगा है।
किसानों के बयान दर्ज करने के लिए जारी किये समन- एसआईटी
लखीमपुर केस की जांच कर रही एसआईटी के एक सदस्य ने कहा कि हमने उन किसानों के बयान दर्ज करने के लिए समन जारी किया है, जो मौके पर मौजूद थे और भीड़ का हिस्सा थे। उनमें से कुछ पहले हमारे सामने पेश हुए लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।
दो अन्य फरार आरोपियों का हैं इंतजार
किसानों का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता हरजीत सिंह ने कहा कि कुछ किसानों को पहले पूछताछ के लिए बुलाया गया था। क्योंकि वे भीड़ का हिस्सा थे लेकिन हिंसा में शामिल नहीं थे। अब जिन किसानों को समन मिला है, वे ही किसानों की हत्या के मामले में गवाह हैं। हम एसआईटी के काफिले में सवार दो अन्य आरोपियों की तलाश का इंतजार कर रहे हैं, जो भागने में सफल रहे थे।
आरोप है कि आशीष के काफिले ने किसानों को कुचला
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के काफिले ने चार किसानों और एक पत्रकार को कथित तौर पर कुचल दिया था। तब गुस्साए किसानों ने कथित तौर पर तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी थी और दो एसयूवी को आग लगा दी थी जो काफिले का हिस्सा थीं।
मुख्य आरोपी सहित 14 लोग जेल में हैं बंद
मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई और एसआईटी ने चार्जशीट दाखिल की जिसमें आशीष सहित 14 लोगों को नामजद किया गया, जो किसानों की मौत के लिए जेल में बंद हैं। लिंचिंग मामले में सात किसानों को गिरफ्तार किया गया है। बाद के मामले में जांच जारी है।