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लखीमपुर में अंबेडकर की मूर्ति टूटने पर बवाल, पुलिस की गाड़ियां फूंकी-तोड़फोड़, बिना अनुमति लगा रहे थे प्रतिमा

Lakhimpur Kheri Violence : लखीमपुर खीरी के मोतीपुर गांव में बिना अनुमति अंबेडकर मूर्ति लगाने को लेकर भारी बवाल। मूर्ति टूटने से नाराज भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों को फूंका और पथराव किया। महिला की पिटाई के बाद इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात।

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अंबेडकर की मूर्ति टूटने पर बवाल, पुलिस की गाड़ियां फूंकी, PC- X

लखीमपुर खीरी : अंबेडकर जयंती के दिन मंगलवार को जिले के गोला गोकर्णनाथ थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव में हिंसक घटना हो गई। बिना अनुमति डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि भीड़ ने एक महिला की पिटाई कर दी और पुलिस की कई गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उन्हें आग के हवाले कर दिया।

मोतीपुर गांव में गौतम समाज के लोगों ने अंबेडकर जयंती पर भंडारा और कार्यक्रम का आयोजन किया था। दोपहर में गांव के लोग बौद्ध विहार की खाली पड़ी भूमि पर अंबेडकर की मूर्ति स्थापित कर दी। ग्राम प्रधान वीरेंद्र गौतम उस समय मौजूद नहीं थे।

मूर्ति लगाने के बाद ग्रामीण रैली में चले गए और वहां केवल महिलाएं रह गईं। शाम करीब 4 बजे बांकेगंज निवासी चंदा देवी (भार्गव समाज) पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुंचीं और बिना अनुमति मूर्ति लगाए जाने का विरोध किया।

पुलिस ने मूर्ति हटाने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों के बीच छीना-झपटी शुरू हो गई। इसी दौरान मूर्ति गिरकर टूट गई। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने चंदा देवी पर हमला बोल दिया। भीड़ ने महिला को बुरी तरह पीटा। पुलिस ने किसी तरह घेरा बनाकर चंदा देवी को बचाया और उनकी जान बचाई।

पुलिस पर पथराव, गाड़ियों में आग

मूर्ति टूटने और महिला की पिटाई के बाद गुस्सा और भड़क गया। ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। उपद्रवियों ने सीओ गोला रमेश तिवारी, तहसीलदार भीम सिंह और संसारपुर चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह की सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की और उनमें आग लगा दी। पास ही खड़ी एक निजी बोलेरो गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस को हालात काबू में लाने में करीब 5 घंटे लग गए। अतिरिक्त फोर्स बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया।

गांव वालों के पास नहीं थी अनुमति

अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) अमित कुमार राय ने बताया कि कार्यक्रम में सिर्फ चित्र पर माल्यार्पण होना था, लेकिन कुछ लोगों ने बिना अनुमति मूर्ति स्थापित करने की कोशिश की। पुलिस जब रोकने गई तो झड़प हो गई और पथराव शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि मौके पर अब शांति व्यवस्था कायम है।

पुलिस का कहना है कि गांव वालों के पास मूर्ति स्थापना की कोई लिखित अनुमति नहीं थी। ग्राम प्रधान, राजस्व विभाग और पुलिस अधिकारियों की बैठक में शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

दो पक्षों में तनातनी के बाद गरमाया मामला

मोतीपुर गांव में गौतम (दलित) और भार्गव समाज के लोग रहते हैं। मूर्ति स्थापना को लेकर दोनों समुदायों के बीच पहले से ही तनाव था, जो मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की जांच शुरू कर दी है।