लखनऊ

‘तस्वीर दिखा दें, राजनीति छोड़ दूंगा’, मछली भोज विवाद पर अजय राय ने CM योगी को दी खुली चुनौती

Ajay Rai vs Yogi Adityanath: अयोध्या के कथित मछली भोज को लेकर CM योगी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय आमने-सामने हैं। योगी के आरोपों पर अजय राय ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर उनकी मछली खाते हुए तस्वीर है तो जारी करें, वह तुरंत इस्तीफा देने को तैयार हैं।
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Aug 24, 2026
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अजय राय ने CM योगी को दी खुली चुनौती

Ajay Rai Fish Feast Controversy: अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत कार्यक्रम के दौरान हुए कथित मछली भोज को लेकर यूपी की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हमले के बाद अब अजय राय ने पलटवार करते हुए सीएम को खुली चुनौती दी है। राय ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री के पास उनकी मछली खाते हुए कोई तस्वीर है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने दावा किया कि तस्वीर सामने आते ही वह राजनीति से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।

अजय राय ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें निषाद समाज ने अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। कार्यक्रम में मछली तैयार की जा रही थी तो यह आयोजकों का विषय था। उन्होंने कहा कि वह कार्यक्रम में शामिल हुए और इसके बाद वहां से लौट आए। उनका कहना है कि उन्होंने मछली खाने की बात से जुड़े आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।

‘तस्वीर है तो जारी करें, मैं इस्तीफा दे दूंगा’

अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आलोचना करने से पहले सबूत सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उनके पास मछली खाते हुए कोई तस्वीर है तो उसे जारी किया जाए। राय ने कहा कि तस्वीर सार्वजनिक होने पर वह तत्काल इस्तीफा देने को तैयार हैं। वहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री पर बिना सबूत आरोप लगाने का आरोप लगाया और कहा कि जनता को भ्रमित करने के बजाय तथ्यों के साथ बात होनी चाहिए।

निषाद समाज का मुद्दा भी उठाया

अजय राय ने विवाद को केवल मछली भोज तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसे निषाद समाज की परंपरा और जीवनशैली से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मछली पालन, मछली पकड़ना और मछली खाना निषाद समुदाय की पारंपरिक जीवनशैली का हिस्सा रहा है। उन्होंने निषादराज का उदाहरण देते हुए कहा कि इसी समुदाय का धार्मिक और ऐतिहासिक संदर्भ रामायण की परंपरा से भी जुड़ा है। राय ने आरोप लगाया कि भाजपा निषाद समाज की परंपराओं का सम्मान करने के बजाय उसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है। उन्होंने कहा कि समाज इस तरह की राजनीति को याद रखेगा।

‘भगवा पहनकर झूठ बोलना बंद करें’

अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गलत साबित होते हैं तो मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से अपनी बात पर विचार करना चाहिए। राय ने योगी पर बिना प्रमाण आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भगवा वस्त्र की अपनी गरिमा है और राजनीतिक बयानबाजी में इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि अगर आरोप का कोई प्रमाण नहीं है तो इस तरह की बयानबाजी बंद करनी चाहिए।

योगी ने क्या कहा था?

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली में राणा बेनी माधव बख्श सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में अजय राय पर हमला बोला था। उन्होंने अजय राय के अयोध्या दौरे और कथित मछली भोज का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर ‘दोहरे आचरण’ का आरोप लगाया। योगी ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन करते हैं और इसके बाद अयोध्या से बाहर मछली भोज में शामिल होते हैं। उन्होंने इसी पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसे व्यवहार को देखकर ‘गिरगिट भी शरमा जाएगा।’ मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि जब अजय राय अयोध्या आए थे तो उन्हें धार्मिक स्थल पर जाने के बाद इस तरह के आयोजन में शामिल होने की जरूरत क्यों पड़ी।

भाई की हत्या का मामला भी उठा

योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में अजय राय के बड़े भाई अवधेश राय की हत्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनके भाई की हत्या हुई थी, तब अजय राय ने कथित तौर पर संबंधित माफिया के खिलाफ आवाज नहीं उठाई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार आने के बाद प्रदेश में माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई और अपराधियों के प्रभाव को खत्म किया गया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों के दौरान प्रदेश में माफिया के प्रभाव को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।

विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे

अयोध्या का यह मामला अब सिर्फ एक कथित भोज तक सीमित नहीं रह गया है। भाजपा जहां इसे कांग्रेस के धार्मिक आचरण से जोड़ रही है, वहीं अजय राय इसे निषाद समाज की परंपरा और राजनीतिक आरोपों से जोड़कर जवाब दे रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा अजय राय की उस चुनौती की हो रही है जिसमें उन्होंने अपनी मछली खाते हुए तस्वीर सार्वजनिक करने पर इस्तीफा देने की बात कही है। अब देखना यह है कि भाजपा इस चुनौती का क्या जवाब देती है और क्या इस विवाद को लेकर कोई तस्वीर या अन्य प्रमाण सार्वजनिक किया जाता है।

Updated on:
24 Aug 2026 01:24 pm
Published on:
24 Aug 2026 01:24 pm