
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस अपडेट। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
Ram Mandir Donation Dispute Row Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी लगातार तेज है। विपक्ष इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष और मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठा रहा है। समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर चंपत राय पर निशाना साधा है। साथ ही, पार्टी ने यह सवाल उठाया है कि चढ़ावे की चोरी का मामला लीक करवाने के पीछे कहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ही तो हाथ नहीं है?
समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, ''श्रीमान चंपत राय जी सवाल यह नहीं है कि भेदिया कौन? सवाल यह है कि अयोध्या आवागमन का रिकॉर्ड बनाने वाले मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट आपसे क्यों रुष्ट हैं? कहीं भेदिया वहीं से तो नहीं निकला? जो इतना बड़ा चोरी खुल गया? सवाल यह बड़ा है कि जिस मंदिर का उद्घाटन ढोल मंजीरा बजाकर भारत के प्रधानमंत्री जी ने किया और RSS ने उसे पूरे मंदिर पर कब्जा जमा रखा है, उस मंदिर में हो रही इतनी बड़ी घटना कैसे हुई? क्यों हुई? यह सवाल बड़ा हैआखिर चोरी हुई तो हुई क्यों? निर्माण कार्य में घोटाला हुआ तो हुआ क्यों? इन सवालों के जवाब देने ही पड़ेंगे रही बात चोरी के खुलासे की तो इसका जवाब मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट के अयोध्या दौरों और त्वरित SIT गठन में छिपा है।''
पार्टी ने एक अखबार में चंपत राय के बारे में छपी एक खबर की क्लिप शेयर करते हुए यह ट्वीट किया। इस खबर में चंपत राय की डायरी में दर्ज कुछ टिप्पणियों का जिक्र किया गया है। राय राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव थे। चढ़ावा चोरी की बात सामने आने के कई दिन बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
सपा की ओर से साझा की गई खबर में चंपत राय की कथित गोपनीय डायरी में दर्ज घटनाक्रम और सवालों का जिक्र किया गया है। डायरी में सबसे अहम सवाल यह बताया गया है कि राम मंदिर परिसर में हुई कथित चोरी की जानकारी समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव तक कैसे पहुंची?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर की गई खबर के मुताबिक, ''चंपत राय की कथित डायरी के मुताबिक, राम मंदिर के गणना कक्ष में करीब 2.25 लाख रुपये मिलने के बाद तीन कर्मचारियों पर चोरी का संदेह जताया गया और उनसे पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान अलग-अलग लोगों के घरों से रकम मंगाकर बरामद करने और पूरी रकम को अलग-अलग झोलों में सुरक्षित रखने का दावा किया गया। इसके बाद लखनऊ में हुई बैठक में मामले की जांच पर चर्चा हुई, जिसके बाद SIT से जांच कराने का फैसला लिया गया।
अखिलेश यादव के मामले पर बयान देने के बाद चंपत राय ने कथित तौर पर सवाल उठाया कि मंदिर परिसर की जानकारी उन तक कैसे पहुंची। डायरी में कथित रूप से चंपत राय का सवाल दर्ज है कि, हमारे बीच में छिद्र कहां है, कौन भेदिया है?''
इसी सवाल के जवाब में सपा ने तंज़ कसा है कि भेदिया कहीं सीएम योगी के यहां से तो नहीं निकला?
बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय की कथित डायरी का जिक्र सामने आने से पहले एक पत्र की चर्चा गर्म रही है। जिसको लेकर राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व IAS अधिकारी नृपेंद्र मिश्र ने प्रतिक्रिया भी दे चुके हैं। अयोध्या के सर्किट हाउस में उन्होंने कहा था कि उन्होंने चंपत राय का कोई पत्र नहीं देखा है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई पत्र है भी, तो उसमें उनके खिलाफ इस तरह की बातें नहीं लिखी गई होंगी।
विपक्ष इस मामले को लगातार गर्म बनाए रखना चाह रही है। उसका कहना है कि मामले में अभी भी बहुत कुछ छिपाया जा रहा है और FIR किए बिना SIT जांच करवा कर सरकार ने लोगों की आंखों में धूल झोंकने का काम किया है।
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Updated on:
24 Aug 2026 12:05 pm
Published on:
24 Aug 2026 12:05 pm
