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राम मंदिर ट्रस्ट की SIT क्लीनचिट पर संजय सिंह का हमला, बोले- ‘जांच निष्पक्ष नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे’

Sanjay Singh on Ram Mandir Trust: राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े जमीन खरीद और कथित वित्तीय अनियमितता मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को SIT क्लीनचिट मिलने की खबरों पर संजय सिंह ने सवाल उठाए हैं।
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Sanjay Singh on Ram Mandir Trust Ram Mandir Trust Land Deal Champat Rai SIT Report

चंपत राय और अनिल मिश्रा

Ram Mandir Trust SIT Clean Chit:राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े जमीन सौदों और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सियासी विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को एसआईटी से क्लीनचिट मिलने की खबरों पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और अगर निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे।

‘क्लीनचिट कैसे मिल सकती है?’

लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय सिंह ने दावा किया कि पहले गठित एसआईटी की रिपोर्ट में कुछ ऐसे तथ्य दर्ज हैं, जिनके आधार पर चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीनचिट दिए जाने पर सवाल उठता है। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में सभी संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी का उल्लेख होने के बावजूद कुछ लोगों को राहत कैसे दी जा सकती है? संजय सिंह ने यह भी दावा किया कि पूर्व एसआईटी की रिपोर्ट का एक पन्ना सामने आया है, जिसे अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया था। उनके मुताबिक, रिपोर्ट के पन्ने में अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर गंभीर टिप्पणियां दर्ज हैं।

सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद क्लीनचिट की खबरों पर सवाल

आप नेता ने आरोप लगाया कि 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जांच में देरी पर नाराजगी जताए जाने के बाद उसी दिन चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीनचिट मिलने की खबरें सामने आईं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को सवालों के घेरे में बताते हुए जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठाया। हालांकि, क्लीनचिट और जांच से जुड़े दावों की अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।

26 दस्तावेज मांगने का दावा

संजय सिंह ने बताया कि उन्होंने मौजूदा एसआईटी अध्यक्ष किसन एस. को पत्र लिखकर 26 महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए समय मांगा है। उनका दावा है कि पूर्व एसआईटी की रिपोर्ट का कथित तौर पर गायब पन्ना अब उनके पास आया है। उन्होंने कहा कि इस दस्तावेज में मंदिर ट्रस्ट के कामकाज और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े कुछ सवाल उठाए गए हैं। संजय सिंह का आरोप है कि नियमों में कथित ढील के कारण आगे चलकर अनियमितताओं की स्थिति बनी।

जमीन से आगे चंदे और आभूषणों का भी मुद्दा उठाया

संजय सिंह ने विवाद को सिर्फ जमीन खरीद तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने मंदिर को मिले चंदे, चढ़ावे और भगवान के आभूषणों से जुड़ी कथित अनियमितताओं की भी जांच की मांग की। उन्होंने इंजीनियर दीनानाथ वर्मा के हवाले से अनिल मिश्रा पर निर्माण कार्यों में कथित 40 फीसदी कमीशन लेने का आरोप भी लगाया। ये आरोप संजय सिंह की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में नहीं है। संजय सिंह ने कहा कि अगर जांच में सभी पहलुओं को शामिल नहीं किया गया और उन्हें निष्पक्षता नजर नहीं आई तो वह कानूनी रास्ता अपनाएंगे। ऐसे में अब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पुराने आरोपों और एसआईटी की जांच को लेकर सियासी बहस के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया पर भी सबकी नजर रहेगी।

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