
अयोध्या का राम मंदिर और चंपत राय । ( फोटो : IANS )
Ram Mandir Trust: राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों का लेन-देन कैसे होता है और टैक्स से जुड़े नियमों का पालन किस तरह किया जाता है, इसे लेकर चंपत राय का दूसरा पत्र सामने आया है। पत्र में उन्होंने ट्रस्ट के बैंक खातों, ऑनलाइन भुगतान, ऑडिट और अलग-अलग सरकारी टैक्स जमा करने की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी है। यह पत्र ऐसे समय सामने आया है, जब राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट के बाद चंपत राय को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
चंपत राय ने पत्र में राम मंदिर निर्माण के अलावा ट्रस्ट से जुड़े दूसरे निर्माण और आर्थिक व्यवस्था की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का बैंक अकाउंट बिना चेक बुक वाला है। ट्रस्ट ने बैंकों से कोई चेक बुक नहीं ली है। उनके अनुसार सभी भुगतान बैंक ट्रांसफर के जरिए किए जाते हैं और नकद लेन-देन नहीं होता। ट्रस्ट के खाते स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा में हैं। पत्र में कहा गया है कि सभी भुगतान ऑनलाइन आरटीजीएस के जरिए किए जाते हैं। चंपत राय के अनुसार इससे आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता बनी रहती है।
वायरल पत्र में चंपत राय ने दावा किया है कि ट्रस्ट ने कभी किसी टैक्स की चोरी नहीं की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट से जुड़े सभी सरकारी विभागों के नियमों का पालन किया जाता है। पत्र के अनुसार ट्रस्ट की ओर से जीएसटी, टीडीएस, रजिस्ट्री स्टांप ड्यूटी, लेबर सेस, पीएफ और ईएसआई जमा कराया जाता है। ट्रस्ट के खातों की आंतरिक जांच दिल्ली की एक ऑडिट फर्म करती है। वहीं वैधानिक ऑडिट दिल्ली की दूसरी फर्म वी. शंकर अय्यर द्वारा किए जाने की बात पत्र में कही गई है।
चंपत राय ने पत्र में मंदिर की व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया है। उन्होंने दावा किया कि रोज करीब 75 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं और इतनी बड़ी संख्या के बावजूद अब तक कोई दुर्घटना नहीं हुई है। उन्होंने इसके लिए पुलिस प्रशासन की तारीफ भी की है। पत्र में बताया गया है कि श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग आठ लेन बनाई गई हैं और ये लेन बीच में एक-दूसरे को क्रॉस नहीं करतीं। इससे दर्शन की व्यवस्था सुचारू रखने में मदद मिलती है।
Updated on:
21 Aug 2026 11:02 am
Published on:
21 Aug 2026 11:01 am
