18 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Ram Mandir Donation Dispute Update: ‘चंपत राय निर्दोष’, महंत राजकुमार दास बोले-संतों ने पहले ही कही थी ये बात

Ram Mandir Donation Dispute Update: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट मिलने की बात सामने आई है, जिस पर साधु-संतों और अयोध्या के जनप्रतिनिधियों ने संतोष जताया है।
3 min read
Google source verification
ram mandirdonation case sit report champat rai clean chit

चंपत राय। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Ram Mandir Donation Dispute Update Ayodhya: राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी कथित चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। रिपोर्ट में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दिए जाने की बात सामने आई है। SIT की रिपोर्ट पर साधु-संतों और अयोध्या के जनप्रतिनिधियों ने संतोष जताया है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा को मिली क्लीन चिट

SIT की जांच रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष अनिल मिश्रा को मामले में दोषमुक्त बताया गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद अयोध्या में साधु-संतों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे संतोषजनक कदम बताया। राम वल्लभ कुंज के उत्तराधिकारी और राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य महंत राजकुमार दास ने कहा कि चंपत राय निर्दोष हैं। उन्होंने कहा कि संत समाज पहले से ही सामूहिक रूप से यह बात कहता रहा है कि इस मामले में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी दोषी नहीं हैं।

महंत राजकुमार दास के मुताबिक, मामले में दोषी पाए गए कर्मचारी जेल में हैं और उन्हें अपने किए की सजा भुगतनी पड़ रही है।

‘SIT ने तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जांच’

तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने भी SIT की रिपोर्ट पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। उन्होंने दावा किया कि जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई और इसमें किसी तरह का दबाव नहीं था। उनके मुताबिक, निष्पक्ष तरीके से जांच के बाद जो तथ्य सामने आए, उन्हें रिपोर्ट में शामिल किया गया है।

साधु-संतों ने जताई खुशी

परमहंस आचार्य ने कहा कि अयोध्या के साधु-संत और राम मंदिर के प्रति आस्था रखने वाले लोग इस रिपोर्ट से संतुष्ट हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में राम मंदिर की मर्यादा के खिलाफ इस तरह की घटना दोबारा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि SIT की जांच में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी गई है। परमहंस आचार्य ने कहा कि चंपत राय को लेकर संत समाज पहले से ही आश्वस्त था कि वह इस तरह के मामले में शामिल नहीं हो सकते। उन्होंने चंपत राय की भूमिका की प्रशंसा करते हुए उन्हें सच्चा सनातनी बताया और कहा कि उनके नेतृत्व में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है।

अयोध्या के मेयर ने भी रिपोर्ट पर जताया भरोसा

अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने भी SIT की रिपोर्ट को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है। मेयर ने उम्मीद जताई कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद मामले को लेकर समाज में बने संशय को दूर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जांच के जरिए सच्चाई सामने आएगी और स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

ट्रस्ट के अनुरोध पर दर्ज हुई थी FIR

गिरीश पति त्रिपाठी ने जांच की पूरी प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर इस मामले में FIR दर्ज कराई गई थी। इसके बाद ट्रस्ट के ही अनुरोध पर SIT का गठन किया गया और जांच के बाद उसी क्रम में रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी गई।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया है अंतिम रिपोर्ट के लिए समय

अयोध्या के मेयर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने SIT को अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 3 सप्ताह का समय दिया है। ऐसे में ट्रस्ट को सौंपी गई मौजूदा रिपोर्ट के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जांच की प्रक्रिया में किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

जांच के बाद मामले में तस्वीर साफ होने की उम्मीद

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े इस मामले ने पहले काफी चर्चा बटोरी थी। अब SIT की रिपोर्ट में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों को क्लीन चिट दिए जाने के बाद साधु-संतों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने राहत जताई है। हालांकि, SIT की अंतिम रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी रहेगी। जनप्रतिनिधियों और संत समाज ने उम्मीद जताई है कि जांच के जरिए मामले से जुड़े सभी तथ्यों पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बड़ी खबरें

View All

अयोध्या

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग