
चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र (X Photo AIR News Lucknow)
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि तय किए गए करीब 70 निर्माण कार्यों में से लगभग 60 पूरे हो चुके हैं। अब परिसर में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था को मुख्य नाले से जोड़ने का काम किया जाएगा। इसके अलावा संग्रहालय, ऑडिटोरियम और ट्रस्ट कार्यालय के निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है। संग्रहालय की गैलरी नंबर सात पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि तय किए गए करीब 70 कामों में से लगभग 60 काम पूरे हो चुके हैं। विभिन्न एजेंसियों ने जिन निर्माण कार्यों को पूरा कर दिया है, उन्हें ट्रस्ट को सौंप दिया गया है। अब इन कामों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी ट्रस्ट की होगी। मंदिर परिसर में बारिश के दौरान पानी जमा होने की समस्या को देखते हुए सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था को मुख्य नाले से जोड़ा जाएगा। इससे परिसर में जलभराव की समस्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
निर्माण समिति के चेयरमैन ने बताया कि संग्रहालय, ऑडिटोरियम और ट्रस्ट कार्यालय के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संग्रहालय की गैलरी नंबर सात पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यहां प्रवेश शुल्क लिया जाएगा या नहीं, इसका फैसला ट्रस्ट करेगा।राम मंदिर निर्माण कार्यों की समीक्षा के लिए बैठक का शुक्रवार अंतिम दिन है। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव जगदीश आफले, सीबीआरआई के पूर्व चेयरमैन एके मित्तल, यश मित्तल समेत अलग-अलग एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे।
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद त्यागपत्र दे चुके चंपत राय की एक चिट्ठी गुरुवार को वायरल हुई थी। इसमें ट्रस्ट की लेन-देन व्यवस्था और आंतरिक व्यवस्था से जुड़ी जानकारी होने का दावा किया गया था। चंपत राय के पत्र में अपना नाम होने के सवाल पर नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि पत्र को हमने नहीं देखा है। फिलहाल विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है। राम मंदिर के सीईओ की नियुक्ति के लिए हुए साक्षात्कार से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
सफाई व्यवस्था में लगी कंपनी बीवीजी के कर्मचारियों को अप्रैल, मई, जून और जुलाई यानी चार महीने का वेतन नहीं मिला है। वहीं, राम मंदिर के बाहर परिसर से लेकर तीर्थ यात्री सेवा केंद्र और अंगद टीला तक सफाई की जिम्मेदारी यूनी प्वाइंट और जिलाजीत के पास है। इन दोनों एजेंसियों के कर्मचारियों का मई, जून और जुलाई का तीन महीने का वेतन बकाया बताया गया है।
भुगतान लंबित रहने के कारण इन एजेंसियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होने लगी है। मंदिर निर्माण से जुड़े बाकी कामों के साथ इन एजेंसियों के भुगतान और व्यवस्थाओं पर भी ट्रस्ट की ओर से आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
Updated on:
22 Aug 2026 12:28 pm
Published on:
22 Aug 2026 12:28 pm
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