
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। PC: IANS
Rahul Gandhi Yogi Adityanath: रायबरेली में राणा बेनी माधव बख्श सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में योगी ने कहा कि राहुल गांधी से व्यक्तिगत तौर पर देश को बहुत अपेक्षा नहीं है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष के पद पर रहते हुए उनकी संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद राहुल गांधी भारत की परंपरा और विरासत की आलोचना को अपना अधिकार समझते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की विचारधारा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब उत्तर प्रदेश की सीमाओं से बाहर कदम रखते हैं तो राज्य की छवि को धूमिल करते हैं और जब वे विदेश जाते हैं तो पूरे देश को अपमानित करने का काम करते हैं। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि जब भारतीय सेना सीमाओं पर दुश्मनों से लोहा लेती है, तब राहुल गांधी देश के जवानों से पराक्रम के प्रमाण मांगते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई में कांग्रेस नेता प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से देशविरोधी तत्वों को बढ़ावा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पार्टी ने हमेशा भारतीय मूल्यों और प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी की लोकतांत्रिक निष्ठा को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने 1975 के आपातकाल का संदर्भ दिया। सीएम योगी ने सलाह दी कि यदि राहुल गांधी को 'मनु' और भारतीय परंपरा को समझना है, तो उन्हें अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण जैसे ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए, क्योंकि अपनी विरासत को भूलने वाला समाज कभी अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण नहीं कर सकता।
स्वतंत्रता सेनानी वीर सेनानायक राणा बेनी माधव बख्श सिंह की शहादत का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1857 के संग्राम की जो चिंगारी बैरकपुर में मंगल पांडेय ने सुलगाई थी, उसे मेरठ में धनसिंह गुर्जर, बिठूर में नाना साहब व तात्या टोपे और झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने आगे बढ़ाया। अवध की धरती पर इसी महासंग्राम की अगुवाई राणा बेनी माधव ने की थी।
सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में जनता के पास सर्वोच्च शक्ति होती है, जो सरकार जनभावनाओं का अनादर करती है, जनता उसे उखाड़ फेंकने का माद्दा रखती है। उन्होंने कहा कि आज की स्वतंत्रता असंख्य बलिदानों की देन है और वर्तमान पीढ़ी का कर्तव्य है कि वह महापुरुषों के त्याग और मूल्यों को हमेशा जीवंत रखे।
Updated on:
24 Aug 2026 12:44 pm
Published on:
24 Aug 2026 12:15 pm
