
प्रदर्शन करते कांग्रेसी, फोटो सोर्स- X कांग्रेस
Raebareli Demonstration रायबरेली में नीट पेपर लीक मामले में जबरदस्त प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंककर आक्रोश व्यक्त किया। आज दिन भर प्रदर्शनकारियों ने धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर कांग्रेस के पदाधिकारी व सदस्य भी मौजूद थे। सोनम वांगचुक के साथ किए गए व्यवहार को लोकतंत्र की हत्या बताया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा मंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में दिल्ली प्रदर्शन की आंच दिखाई पड़ी। जब कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर जमकर नारेबाजी की गई। डिग्री कॉलेज चौराहा सहित चौक में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद थे। जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। बीजेपी सरकार आने के बाद पेपर लीक होने की घटनाएं बढ़ गई है। एक भी परीक्षा बिना पेपर लीक के पूरी नहीं हो पाई है।
जिला कांग्रेस कमेटी सदस्य वीरेंद्र यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार की नीतियां शिक्षा, मजदूर, युवा, छात्र, किसान विरोधी है, हर कदम पर लोगों का शोषण किया जा रहा है। केंद्र सरकार पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है जो आम जनता के हितों के खिलाफ है। प्रदेश सरकार ने भी बड़ी संख्या में प्राथमिक स्कूलों को बंद कर दिया है। जिससे बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।
दिल्ली के जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के समर्थन में डिग्री कॉलेज चौराहे पर ही लगातार छठे दिन धरना प्रदर्शन जारी रहा। इस मौके पर समाजसेवी राम मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार व्याप्त हो गया है। नीट परीक्षा में भी धांधली हुई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें, उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।
राम मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र सरकार बच्चों के भविष्य के प्रति भी गंभीर नहीं है। जब तक केंद्रीय मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने नहीं दिया जाएगा। सोनम वांगचुक के शांतिपूर्ण भूख हड़ताल को जबरदस्ती खत्म करवाना दुर्भाग्यपूर्ण और तानाशाही है। यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे।
Updated on:
20 Jul 2026 07:10 pm
Published on:
20 Jul 2026 07:10 pm
