
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बिहार चुनाव में महागठबंधन की तरफ से जमकर प्रचार किया था। फिलहाल, उन्होंने यहां अपनी पार्टी से एक भी प्रत्याशी नहीं उतारा था। अखिलेश यादव ने बिहार में कुल 22 सीटों पर जनसभाएं की थी। इनमें से सिर्फ दो पर महागठबंधन ने जीत दर्ज की है।
अखिलेश यादव ने बिहार में 1 से 8 नवंबर के बीच कुल 22 सभाएं की थी। लेकिन, महागठबंधन को सिर्फ दो सीटों पर ही जीत मिली हैं। इनमें एक है सीवान जिले की रघुनाथपुर सीट, जहां से बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब ने जीत दर्ज की है। वहीं दूसरी सीट है मधुबनी जिले की बिस्फी सीट। यहां से आसिफ अहमद ने जीत दर्ज की है।
इनमें बहादुरपुर (दरभंगा), सरायरंजन (समस्तीपुर) सीतामढ़ी, छपरा, कल्याणपुर (समस्तीपुर) रघुनाथपुर (सीवान) महाराजगंज (सीवान) भभुआ (कैमूर), ओबरा (औरंगाबाद) बेलागंज (गया), दिनारा (रोहतास), नवादा, जमुई, बेलहर (बांका), नाथनगर (भागलपुर), रुन्नीसैदरपुर (सीतामढ़ी) मोतिहारी, रफीगंज (औरंगाबाद) नोखा (रोहतास), धमदाहा (पूर्णिया), राजनगर (मधुबनी), बिस्फी (मधुबनी) शामिल थी।
अखिलेश यादव ने दो नवंबर को खेसारी लाल के पक्ष में छपरा में एक जनसभा की थी। लेकिन, अखिलेश यादव का यहां जादू चल नहीं पाया और खेसारी लाल यादव चुनाव हार गए।
अखिलेश ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर लिखा- 'बिहार में जो खेल SIR ने किया है। वो प. बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाक़ी जगह पर अब नहीं हो पायेगा। क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम ये खेल, इनको नहीं खेलने देंगे। CCTV की तरह हमारा ‘PPTV’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा। भाजपा दल नहीं छल है।'