UP SIR Form: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा SIR फार्म भरने की तस्वीर सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। अखिलेश लगातार सरकार और चुनाव आयोग पर बीएलओ पर बढ़ते दबाव और मौतों को लेकर निशाना साध रहे हैं।
Akhilesh yadav fills sir form: उत्तर प्रदेश में इस समय SIR फॉर्म को लेकर व्यापक चर्चा और राजनीतिक घमासान जारी है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) द्वारा SIR फार्म भरने की तस्वीर सामने आने के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। बताया गया है कि अखिलेश यादव ने यह फार्म 27 नवंबर को भरा था। तस्वीर सामने आने के साथ ही विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बयानबाज़ी का दौर और गर्म हो गया है।
SIR फार्म और पूरी प्रक्रिया को लेकर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) लगातार योगी सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे हैं। शनिवार को उन्होंने प्रेस वार्ता कर खुले तौर पर आरोप लगाया कि प्रदेश में बीएलओ पर बढ़ते दबाव और लगातार हो रही मौतों की जिम्मेदार BJP और आयोग की मिलीभगत है। अखिलेश का कहना है कि SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल दबाव बनाने और चुनावी व्यवस्थाओं को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र के मृतक बीएलओ विजय कुमार वर्मा की पत्नी संगीता वर्मा को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया के चलते बीएलओ अत्यधिक दबाव में हैं और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि यह स्थिति चुनाव आयोग और सरकार की लापरवाही का परिणाम है, जिसका बोझ कर्मचारियों पर डाला जा रहा है।
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने प्रेस कांफ्रेंस में तीखे शब्दों में कहा कि एसआईआर भाजपा और आयोग की मिलीभगत की साजिश है। चुनाव आयोग के हाथ खून से रंग गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएलओ की मौतों का मुद्दा पहले लोकसभा में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो समाजवादी पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन भी करेगी।