
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में सरकारी उपक्रम काऊ मिल्क प्रोडक्शन यूनिट लगने जा रही है और जल्द ही सीएम योगी इसका दीवाली के आस-पास उद्धाटन भी कर देगी। यह उत्तर प्रदेश की पहली और देश की अनूठी डेयरी होगी जहां प्रतिदिन एक लाख लीटर सिर्फ गाय का ही दूध उत्पादित होगा। लेकिन दुग्ध किसानों की समस्या क्या इससे कम होगी? इस ओर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरी चिंता जताई है। वे आज दुग्ध-किसानों से मिले और उसके बाद उन्होंने बड़ा बयान दिया।
अखिलेश ने दिया बड़ा बयान-
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए कहा की आज दुग्ध-किसानों की समस्याओं को सुना और समझा। भाजपा सरकार में इनकी कोई सुनवाई नहीं है। जबकि सपा सरकार ने प्रदेश को मदर डेरी व अमूल के 2 नये प्रोजेक्ट दिये थे। अमूल से भी पुरानी प्रदेश की प्रख्यात पराग डेरी को हमारे समय में नवीनीकरण-आधुनिकीकरण के लिए सर्वाधिक बजट दिया गया था।
‘काउ मिल्क प्लांट’ का दोबारा होगा उद्घाटन-
आपको बता दें कि योगी सरकार एक बार फिर पूर्व की अखिलेश यादव सरकार के ‘काउ मिल्क प्लांट’ का दोबारा उद्घाटन करने जा रही है। 2015 में सपा सरकार द्वारा अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव के संसदीय क्षेत्र कन्नौज में यूपी के पहले काउ मिल्क प्रोडक्शन सेंटर की स्थापना हुई थी, जिससे गौ-संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके। अखिलेश यादव ने पूर्व में इस पर कसा तंज कसते हुए कहा था कि गौ-वंश के संवर्धन हेतु हमने गौ-दुग्ध का अधिक मूल्य रखते हुए ‘काउ मिल्क प्लांट’ की संकल्पना की थी, जिससे कि प्रोत्साहनकारी मूल्य गौ-संरक्षण के लिए प्रेरित करे और गाय लावारिस न हों। हम तो प्रदेश के पोषण स्तर को सुधारने के लिए अमूल के भी 2 प्लांट लाये थे, ये सरकार भी तो कुछ काम करे।
बाबा रामदेव को देंगे मुकाबला-
यूपी में सरकारी उपक्रम काऊ मिल्क प्रोडक्शन यूनिट लगने के एक मकसद यूपी में पतंजलि और मदर डेयरी से कम्पटीशन देना भी है। इन दोनों ही कंपनियों को अखिलेश सरकार के कार्यकाल में ही काऊ मिल्क प्रोडक्शन यूनिट लगाने की अनुमति दी गयी थी।