लखनऊ

BJP जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा 10 मार्च तक, केंद्रीय नेतृत्व के पास पहुंचा पैनल

BJP Organizational Elections:भाजपा के नए जिलाध्यक्ष 10 मार्च तक घोषित हो जाएंगे। प्रदेश स्तर पर तीन-तीन नामों का पैनल पूर्व में ही तैयार कर लिया गया था। अब केंद्रीय नेतृत्व स्तर से भी इसकी कवायद तेज हो गई है। इससे दावेदारों की धड़कनें बढ़ गई हैं

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Mar 06, 2025

BJP Organizational Elections:भाजपा जिलाध्यक्षों के पद की दौड़ में शामिल नेताओं की धड़कने तेज हो गई हैं। उत्तराखंड के भाजपा जिलाध्यक्षों का पैनल अब केंद्रीय नेतृत्व की ओर से गठित कमेटी तक पहुंच गई है। बता दें कि राज्य में पहले चरण में 19 जिलाध्यक्षों के लिए पैनल तैयार किया था। उसके बाद शेष जिलों का पैनल तैयार किया गया था। सभी जिलों से पैनल में तीन-तीन दावेदारों के नाम शामिल किए गए थे। राज्य में भाजपा मंडल अध्यक्षों के नामों का ऐलान पूर्व में ही हो चुका है। पार्टी ने 18 फरवरी तक मंडल अध्यक्ष जबकि 28 फरवरी तक जिलाध्यक्षों के चयन का लक्ष्य रखा था। लेकिन जिलाध्यक्षों के चयन में कुछ देरी हो गई है। लिहाजा कुछ दिन पूर्व ही 19 जिलाध्यक्षों के चयन के लिए पैनल तैयार किया गया था। संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया के तहत भाजपा ने 10 मार्च तक जिलाध्यक्षों की घोषणा का लक्ष्य तय कर दिया है। प्रदेश में भाजपा के 19 सांगठनिक जिलों में जिलाध्यक्षों के चुनाव के लिए पिछले दिनों प्रदेशभर में पर्यवेक्षकों ने मंडल अध्यक्षों व पदाधिकारियों से रायशुमारी के बाद पैनल तैयार किया। इस पैनल को पर्यवेक्षकों ने दो मार्च को प्रदेश नेतृत्व को सौंपा। प्रदेश नेतृत्व ने कमेटी के माध्यम से पैनल में शामिल नामों पर चर्चा के बाद उसे अंतिम रूप दिया था। उसके बाद प्रदेश नेतृत्व ने पैनल देहरादून पहुंचे राष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक राजकुमार चाहर को सौंपा। राष्ट्रीय पर्यवेक्षक चाहर ने जिलाध्यक्षों के चुनाव को लेकर नामों पर प्रदेश नेतृत्व व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ चर्चा की। राष्ट्रीय पर्यवेक्षक चाहर के माध्यम से जिलाध्यक्षों के नामों की सूची केन्द्रीय नेतृत्व को भेजी गई। केन्द्रीय स्तर पर अब राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम व क्षेत्रीय सांसदों से चर्चा के बाद जिलाध्यक्षों की फाइनल सूची पर मोहर लगेगी।

चयन का ये फार्मूला तैयार

उत्तराखंड में भाजपा ने जिलाध्यक्ष चयन के लिए इस बार एक फार्मूला तय किया है। इसके तहत किसी भी दावेदार को तीसरा मौका नहीं दिया जाएगा। इसी के चलते कई दिग्गज जिलाध्यक्ष की रेस से पहले ही बाहर हो चुके हैं। इसके अलावा भाजपा 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को जिलाध्यक्ष नहीं बनाएगी। साथ ही खराब छवि वालों को भी इस पद पर नहीं बैठाएगी। बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव अभी तक न होने की वजह से अब राज्य में भी प्रदेश अध्यक्ष के लिए चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होगी।

Updated on:
06 Mar 2025 10:29 am
Published on:
06 Mar 2025 10:26 am
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