
लखनऊ. लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी रूठे दलों को मनाने में जुटी है, लेकिन यह कोशिश कामयाब होती नजर नहीं आ रही। भाजपा की सहयोगी पार्टी सुहैलेदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर तो काफी समय से ही सरकार का विरोध कर रहे हैं, अब इस कड़ी में अपना दल (एस) की संरक्षक अनुप्रिया पटेल भी जुड़ गई हैं, जो भाजपा से गठबंधन भी तोड़ सकती है।
अनुप्रिया पटेल ने प्रियंका से की मुलाकात-
अनुप्रिया पटेल ने कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की, जिसके बाद उनके कांग्रेस के साथ में आने की चर्चाए तेज हो गई हैं। अपना दल की संरक्षक अनुप्रिया व अध्यक्ष आशीष पटेल ने गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा व ज्योतिरादित्य सिंधिया संग प्रियंका के आवास पर लंबी बैठक की। सूत्रों का मानना है कि इसमें दोनों नेताओं ने कांग्रेस से यूपी में गठबंधन की संभावनाओं पर भी काफी विचार विमर्श किया है। और आखिर में अंतिम निर्णय के लिए दोनों नेताओं ने कांग्रेस से एक हफ्ते का समय मांगा है। कहा जा रहा है कि 28 फ़रवरी को अपना दल, एनडीए से अलग होने व कांग्रेस से गठबंधन का औपचारिक ऐलान कर सकता है।
अनुप्रिया ने कहा अब भाजपा से बात करने का समय खत्म-
अनुप्रिया पटेल ने प्रियंका व ज्योतिरादित्य से मुलाकात के बाद भाजपा को अल्टीमेटम भी दे दिया। उन्होंने कहा कि हमारे बात करने का समय अब समाप्त हो गया है। अब तो अपना दल कोई भी फैसला लेने को स्वतंत्र है। अनुप्रिया पटेल के ऐसे तेवरों से यह मालूम पड़ रहा है है कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अपना दल भाजपा को बड़ा झटका दे सकती है। अपना दल ने भाजपा को बात करने के काफी समय दिया था, जो अब खत्म हो चुका है।
अनुप्रिया हो सकती हैं ओबीसी वर्ग का चेहरा-
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना कि कांग्रेस में एक बड़े ओबीसी चेहरे का अभाव है। यदि अपना दल व कांग्रेस का गठबंधन हो जाता है कि तो अनुप्रिया के रुप में ओबीसी वर्ग का एक बड़ा चेहरा मिल जाएगा। वहीं अपना दल का एक बड़ा धड़ा लंबी राजनीति के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाने के पक्ष में है। वहीं इससे पहले सपा-बसपा की ओर से अपना दल को संपर्क किया गया था, लेकिन तब अपना दल ने कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी थी।