
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद परिसर पर चला बुलडोजर ( फोटो पत्रिका )
Saharanpur Masjid Demolition Case: सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में अवैध घोषित की गई मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर सियासत गरमा गई है। इस मामले की जांच और प्रशासन से जवाब मांगने के लिए समाजवादी पार्टी का 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को सहारनपुर पहुंचेगा। यह डेलिगेशन सहारनपुर के मंडलायुक्त (कमिश्नर) से मुलाकात करेगा। इस बीच सपा ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके जिलाध्यक्ष समेत कई स्थानीय नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया है।
सपा हाईकमान के निर्देश पर यह 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार सुबह 11 बजे कमिश्नर रूपेश कुमार से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल प्रशासन से इस पूरी कार्रवाई का पक्ष जानेगा और तथ्यों के आधार पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपेगा। इस अहम प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव करेंगे।
सपा नेताओं ने जिला प्रशासन पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 4 सितंबर की शाम को प्रशासन ने केवल मस्जिद को सील करने का आश्वासन दिया था। उस वक्त मस्जिद को ढहाने की कोई बात नहीं कही गई थी। लेकिन प्रशासन ने अपने वादे से मुकरते हुए शनिवार सुबह अचानक बुलडोजर चलाकर मस्जिद को जमींदोज कर दिया। पार्टी लगातार इस मुद्दे पर प्रशासन से जवाब मांग रही है।
सपा के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव करेंगे। इसमें सपा जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद, महानगर अध्यक्ष हाजी नवाब अंसारी, सांसद हरेन्द्र मलिक और इकरा हसन शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसेन, पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान, विधायक अतुल प्रधान, आशु मलिक, उमर अली और रामऔतार सैनी, एमएलसी किरन पाल कश्यप और पूर्व विधायक माविया अली भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।
साथ ही इस डेलिगेशन में राहुल भारती, मांगेराम कश्यप, जिया चौधरी, विनोद तेजियान, शायान मसूद, फैसल सलमानी, अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा, ओसामा गाड़ा और काशिफ अल्वी के नाम भी शामिल बताए गए हैं।
सहारनपुर का माहौल तनावपूर्ण न हो इसके लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सपा का आरोप है कि पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने से पहले ही सहारनपुर के सपा जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद और अन्य स्थानीय नेताओं को उनके घरों में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया है ताकि वे कोई प्रदर्शन न कर सकें।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी यह मस्जिद करीब 120 साल पुरानी बताई जाती है। यह 3300 वर्ग फीट में दो मंजिला बनी थी जिसमें 2 बड़े हॉल और 5 कमरे थे। जनवरी 2025 में बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह मस्जिद अवैध है और इसके कमरों तथा डाकघर से किराया वसूला जा रहा है। इसके बाद DM ने जांच के आदेश दिए। जांच में मस्जिद अवैध पाई गई और 20 महीने लंबी कानूनी-प्रक्रिया व कोर्ट के सख्त आदेश के बाद शनिवार को इसे बुलडोजर से ढहा दिया गया।
सहारनपुर मस्जिद मामले में मुख्य राजनीतिक विवाद अब दो सवालों के आसपास केंद्रित है- पहला, मस्जिद को हटाने की कानूनी प्रक्रिया और दूसरा, ध्वस्तीकरण के समय को लेकर उठ रहे सवाल। विपक्षी दल इसे धार्मिक और राजनीतिक मुद्दे के तौर पर उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत में चली प्रक्रिया और सरकारी जमीन से अनधिकृत कब्जा हटाने से जुड़ी थी। मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद सामने आए कुएं ने भी मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब इसकी ऐतिहासिकता को लेकर ASI की जांच के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
मस्जिद प्रबंधन की ओर से अब इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही गई है। इसी वजह से आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी लड़ाई के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी बड़ा मुद्दा बन सकता है। बता दें कि ध्वस्तीकरण के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद की जगह अब खाली मैदान नजर आ रहा है। मौके पर मौजूद जानकारी के मुताबिक मस्जिद का मलबा पूरी तरह हटा दिया गया है और JCB मशीनों ने लगातार काम किया। मौके पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासन ने संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है।
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Updated on:
6 Sep 2026, 6:45 PM IST
Published on:
6 Sep 2026, 6:45 PM IST
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