
Ajay Rai Ayodhya Visit: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के अयोध्या दौरे के दौरान आयोजित एक स्वागत समारोह में कथित तौर पर ‘मछली भोज’ परोसे जाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कार्यक्रम स्थल पर बड़े पैमाने पर मछली पकाई जाती दिख रही है।
दावा किया जा रहा है कि अजय राय ने अयोध्या पहुंचकर सबसे पहले प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया था। इसके तुरंत बाद उनके स्वागत के लिए एक लॉन में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां लोगों के लिए मछली भोज की व्यवस्था की गई थी। पवित्र श्रावण मास के दौरान रामनगरी में इस तरह के आयोजन को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस घटना को लेकर कांग्रेस की मानसिकता और संस्कृति पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अयोध्या में मछली भोज के आयोजन पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि पवित्र सावन के महीने में और रामनगरी अयोध्या जैसी पावन धरती पर इस तरह का आयोजन करना कांग्रेस पार्टी की संकीर्ण और तुष्टिकरण वाली सोच को दर्शाता है।
पाठक ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष के पास जनता के लिए कोई नीति या एजेंडा नहीं बचा है। वे केवल जाति, धर्म और तुष्टिकरण के नाम पर राजनीति करके सत्ता हासिल करने की होड़ में लगे हैं, लेकिन देश और प्रदेश की जनता उनके इस चेहरे को पहचान चुकी है।
सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सावन के महीने में अयोध्या की पावन भूमि पर मछली भोज का आयोजन करना कांग्रेस के 'कल्चर' (संस्कृति) को उजागर करता है।
राजभर ने कहा कि देश संविधान और मर्यादाओं से चलता है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लगातार धार्मिक आस्थाओं का मजाक उड़ा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं ने केवल भ्रम और झूठ फैलाने का काम संभाल रखा है।
इस विवाद में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि सावन में अयोध्या धाम में ऐसा कृत्य अक्षम्य है। सनातन का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुका है और इसके लिए पार्टी नेतृत्व को देशवासियों तथा संत समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
विवाद बढ़ता देख कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है। अजय राय का कहना है कि टेंट के पीछे क्या पकाया जा रहा था, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस दिन एकादशी का व्रत होने के कारण उन्होंने खुद चावल तक का सेवन नहीं किया था। ऐसे में मछली भोज कराने या खाने का सवाल ही पैदा नहीं होता और इस तरह के दावों की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।