अगले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
लखनऊ. अगले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने मीडिया विभाग, संगठन विभाग, वित्त विभाग और प्रशासनिक विभाग को भंग कर दिया है। कहा जा है कि ऐसा संगठन को सुसंगठित करने के उद्देश्य से किया गया है लेकिन बीते विधानसभा चुनाव, नगर निकाय चुनाव और उपचुनाव में मिली हार से संगठन में बड़े फेरबदल की चर्चा शुरू हो गई थी। वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन में भी कांग्रेस के शामिल होने के चांस कम लग रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस लगभग सभी सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए संगठन को फिर से तैयार किया जा रहा है।
भंग करने की ये थी वजह
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा है कि संगठन को सुसंगठित करने के उद्देश्य से संगठन विभाग, वित्त विभाग और प्रशासनिक विभाग को भंग किया गया है। जल्द ही इन विभागों के पदाधिकारियों का पुनर्गठन होगा। पार्टी अध्यक्ष की इस कार्रवाई से नेताओं में हड़कंप मच गया है।सूत्रों का कहना है कि जिन विभागों को भंग किया गया है, उसके पदाधिकारी कई साल से जमे थे और इनमें से अधिकतर निष्क्रिय थे, इसी कारण उन पर कार्रवाई की गई है।
जल्द होगी घोषणा
सूत्रों के मुताबिक 23 जून के आस-पास इन चारों विभाग की नई टीम की घोषणा हो सकती है। इसके अलावा यूपी प्रभारी भी बदले जा सकते हैं। अभी गुलाम नबी आजाद यूपी के प्रभारी हैं। इसके अलावा एक अध्यक्ष, चार कार्यकारी अध्यक्ष जैसे फॉर्मुला भी लागू किया जा सकता है। राजबब्बर बने रहेंगे या जाएंगे इस पर भी आलाकमान जल्द फैसला लेंगे।
गठबंधन पर स्थिति साफ नहीं
महागठबंधन में कांग्रेस शामिल होगी या नहीं इस पर संशय बना हुआ है। सूत्रों की मानें तो 60 से ज्यादा सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ सकती है। मौजूदा परिस्थितियों में अंतिम उपाय ये भी दिख रहा है कि 'दोस्ती' के नाम पर अखिलेश कांग्रेस के लिए पांच-छह सीटें छोड़ सकते हैं। राहुल, सोनिया की सीट के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, आरपीएन सिंह, सलमान खुर्शीद, जितिन प्रसाद जिस सीट से लड़ेंगे उस पर सपा-बसपा अपना उम्मीदवार न उतारे लेकिन ऐसा एक ही स्थिति में होगा जब ये सभी नेता अखिलेश-मायावती से इस मुद्दे को लेकर बात करें। इसके अलावा मध्यप्रदेश, राजस्थान में भी सपा को गठबंधन में कुछ सीटें दी जाएं। मौजूदा स्थितियों में ये आसान नहीं दिख रहा।