
UP Police High Alert: लखनऊ में उस समय हड़कंप मच गया जब कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो गईं। एहतियात के तौर पर पूरे कचहरी परिसर में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। धमकी की सूचना के बाद न्यायालय परिसर, पार्किंग स्थल और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड टीम ने हर कोने की गहन जांच की।
धमकी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने तत्काल इलाके को घेर लिया। मुख्य प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग कर दी गई और आने-जाने वालों की सख्ती से जांच शुरू की गई। कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और वादकारियों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
बम की आशंका को देखते हुए बम निरोधक दस्ता मौके पर बुलाया गया। बीडीएस टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों के साथ परिसर की तलाशी ली। डॉग स्क्वॉड की सहायता से संदिग्ध वस्तुओं की जांच की गई।विशेष रूप से कोर्ट रूम, रिकॉर्ड रूम, बार एसोसिएशन कार्यालय और पार्किंग क्षेत्र में खड़ी गाड़ियों की बारीकी से जांच की गई। किसी भी लावारिस वस्तु या बैग को बिना जांच के नहीं छोड़ा गया।
पूरे तलाशी अभियान का नेतृत्व राजेश कुमार त्रिपाठी ने किया। उनकी निगरानी में पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों ने समन्वय के साथ कार्य किया। Wazirganj थाना पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई। आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई।
तलाशी अभियान के दौरान कुछ संदिग्ध बैग और वस्तुएं मिली, जिन्हें सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जांचा गया। हालांकि जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी प्रकार का खतरा नहीं मिला है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी जारी रहेगी।
घटना के बाद अधिवक्ताओं और वादकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। कई वकीलों का कहना था कि कचहरी परिसर में पहले भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की गई थी। एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि कचहरी जैसे संवेदनशील स्थान पर नियमित सुरक्षा जांच होनी चाहिए। आज की घटना ने यह दिखा दिया कि सतर्कता कितनी जरूरी है।”
धमकी किस माध्यम से दी गई और इसके पीछे कौन लोग हैं, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल और स्थानीय खुफिया इकाई को भी अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी की कॉल या संदेश की लोकेशन और स्रोत का पता लगाया जा रहा है। दोषियों की पहचान होते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद प्रशासन ने न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा का निर्णय लिया है। संभावित खतरों को देखते हुए प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और नियमित चेकिंग की व्यवस्था को और सख्त करने पर विचार किया जा रहा है।
धमकी के मद्देनजर राजधानी के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।