मुख्यमंत्री ने सर्वदलीय बैठक में मांगा सभी दलों का सहयोग,सोमवार से शुरू होगा शीतकालीन सत्र, सदन संचालन पर जोर।
UP Assembly Winter Session 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सभी राजनीतिक दलों से सदन के कुशल संचालन के लिए सहयोग की अपील की। सोमवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र से पहले आयोजित इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने सदन में स्वस्थ चर्चा को प्रदेश के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “सदन लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है। यह प्रदेश के विकास कार्यों को गति देने और जनता की समस्याओं के समाधान का माध्यम है। हमें इसे सार्थक चर्चा का मंच बनाना चाहिए। सभी जनप्रतिनिधियों को जनता के मुद्दों को गंभीरता से उठाने और समाधान खोजने के लिए मिलकर काम करना होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि सदन के संचालन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए और इसे अधिकतम समय तक संचालित किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से सदन के सुचारू संचालन में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि विकास में सभी दलों का योगदान आवश्यक है। “हम सभी जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह हैं। हमें उनके विश्वास को बनाए रखने के लिए सदन में रचनात्मक और सकारात्मक चर्चा करनी चाहिए।”
सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
जनता की समस्याओं का समाधान: मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में जनता के मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
विकास पर चर्चा: प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा और नीतियों पर सार्थक चर्चा से प्रदेश को नई दिशा मिल सकती है।
सदन संचालन में बाधा न हो: मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि सभी दल सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करें।
सकारात्मक माहौल: उन्होंने कहा कि सदन में सकारात्मक माहौल बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।
इस बैठक में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, कांग्रेस विधायक अनुराधा मिश्रा मोना, जनसत्ता दल के रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ और अनिल त्रिपाठी समेत विभिन्न दलों के नेता उपस्थित रहे। सभी ने सदन में रचनात्मक चर्चा को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की।
सोमवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सत्र प्रदेश के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले और नीतिगत घोषणाओं का साक्षी बनेगा। उन्होंने बताया कि सरकार विकास योजनाओं और जनता की भलाई के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन का संचालन किसी प्रकार की बाधा से मुक्त रहना चाहिए। “जब सदन सुचारू रूप से चलेगा, तभी जनता के मुद्दों पर चर्चा होगी और उनके समाधान निकलेंगे।” उन्होंने सभी दलों को आश्वस्त किया कि सरकार विपक्ष के सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से सुनेगी और उन पर कार्रवाई करेगी।
शीतकालीन सत्र के दौरान निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा की संभावना है:
कृषि और किसानों के मुद्दे: किसानों की समस्याएं, न्यूनतम समर्थन मूल्य और सिंचाई की सुविधाओं पर चर्चा।
शिक्षा और रोजगार: युवाओं के लिए रोजगार सृजन और शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के उपाय।
स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं: स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति।
महिला सुरक्षा: महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए नए कदम।
विकास परियोजनाएं: सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा।
सर्वदलीय बैठक किसी भी सत्र से पहले सदन के संचालन को सुचारू बनाने और सभी दलों के बीच संवाद स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस बैठक में सभी दलों को अपनी चिंताओं और सुझावों को रखने का मौका मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के लिए सभी दलों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा, “यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम प्रदेश को प्रगति की राह पर आगे ले जाएं।”
सदन में स्वस्थ चर्चा से प्रदेश का विकास।
जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता।
सदन संचालन में बाधा न डालने की अपील।
सभी दलों से सकारात्मक सहयोग की उम्मीद।
विपक्ष के सुझावों पर सरकार गंभीर।
सर्वदलीय बैठक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वक्तव्य सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। सभी दलों के नेताओं ने बैठक की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के लिए सकारात्मक कदम बताया।