प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। भ्रष्ट पुलिस (UP police) अधिकारियों पर सीएम योगी (CM Yogi) की गाज गिर रही है।
लखनऊ. प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों पर सीएम योगी की गाज गिर रही है। दो आईपीएस अधिकारियों - महोबा के एसपी (Mahoba SP) रहे मणिलाल पाटीदार व प्रयागराज के एसएसपी (Prayagraj SSP) अभिषेक दीक्षित - को सस्पेंड करने भर से योगी सरकार संतुष्ट नहीं होने वाली है। अपराधियों की तरह उनकी भी संपत्तियों की जांच होगी। इसके आदेश दे दिए गए हैं। सीएम योगी ने गुरुवार को बैठक में विजिलेंस के माध्यम से जांच कराए जाने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने गुरुवार को बैठक यब भी निर्देश दिए हैं कि निलंबित अधिकारियों द्वारा की गई अनियमितताओं में संलिप्त पुलिसकर्मियों की पृथक से जांच कर उन्हें शीघ्र दंडित कराया जाए। शासन द्वारा इस संबंध में डीजीपी को अपेक्षित कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि निलंबित अधिकारियों द्वारा की गई अनियमितताओं में संलिप्त पुलिसकर्मियों की अलग से जांच कर उन्हें दंडित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दोनों अधिकारियों की अनियमितताओं में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों की जांच भी प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कराएंगे। दोषी मिलने पर तत्काल ही इनको दंडित कराया जाएगा।
यह लगे हैं आरोप-
महोबा के पुलिस अधीक्षक रहे मणिलाल पाटीदार पर घूस लेने के साथ ही अपराधियों पर अपेक्षित कार्रवाई न करने का आरोप है। तो वहीं प्रयागराज में वरिष्ट पुलिस अधीक्षक रहे अभिषेक दीक्षित पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के साथ ही कार्य में शिथिलता व मातहतों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखा।