पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर प्रदेश में 23 से 28 दिसंबर तक बारिश का अनुमान है। 27-28 दिसंबर को हल्की से मध्यम बारिश पूरे प्रदेश में होगी। इसके चलते ठंड बढ़ेगी और तापमान 3-5°C तक गिर सकता है। नागरिकों से ठंड से बचाव की तैयारी करने की अपील है।
Cold Weather: उत्तर प्रदेश में ठंड के बीच मौसम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। लखनऊ मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में 23 दिसंबर से बारिश की शुरुआत होगी, जो 27 और 28 दिसंबर तक अधिकांश क्षेत्रों को कवर करेगी। इसके चलते ठंड और गलन में तेजी आएगी।
23 दिसंबर
प्रभावित क्षेत्र: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश।
प्रभाव: शुरुआती बारिश से ठंड में मामूली बढ़ोतरी।
26-28 दिसंबर
प्रभावित क्षेत्र: पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश।
प्रभाव: भारी ठंड और तापमान में गिरावट। न्यूनतम तापमान 3-5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ एक मौसमी तंत्र है, जो उत्तरी भारत के पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरते हुए मैदानी इलाकों को प्रभावित करता है। इस बार इसका प्रभाव उत्तर प्रदेश में व्यापक रूप से देखने को मिलेगा। 27 और 28 दिसंबर को प्रदेश में अधिकांश हिस्सों में बारिश के साथ-साथ तेज ठंडी हवाएं चलेंगी।
गरम कपड़े पहने: अत्यधिक ठंड के दौरान बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
हीटर और गीजर का उपयोग करें: घर को गर्म रखने के लिए हीटर का उपयोग करें।
जरूरी सामान तैयार रखें: बिजली कटौती और ठंड के लिए गर्म पानी और भोजन का स्टॉक तैयार रखें।
इस बारिश से रबी फसलों को लाभ हो सकता है, क्योंकि यह उनकी सिंचाई में मदद करेगा। हालांकि, लंबे समय तक बादल छाए रहने और अत्यधिक बारिश से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने बताया कि इस बार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव व्यापक होगा। बारिश के बाद उत्तर पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। उन्होंने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
लखनऊ के निवासी राजेश वर्मा ने कहा, "बारिश और ठंड का यह समय एक चुनौतीपूर्ण होगा। हमें गर्म कपड़े और अन्य जरूरी चीजों की तैयारी करनी चाहिए।" वहीं, किसानों ने इस बारिश को अपनी फसलों के लिए वरदान माना है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। ठंड और बारिश के इस दौर में नागरिकों और किसानों को सतर्क और तैयार रहने की जरूरत है। यह मौसम जहां रबी फसलों के लिए फायदेमंद हो सकता है, वहीं अत्यधिक ठंड और बारिश से चुनौतियां भी पैदा हो सकती हैं।