लखनऊ

Good News: नदवा के छात्रों को दी जाएगी कानून और  संविधान की शिक्षा, एक साल का होगा कोर्स

नदवा कॉलेज के छात्रों को दी जाएगी धर्म की शिक्षा के साथ कानून और संविधान की शिक्षा, ताकि वे संविधान और कुरान के अनुसार अपनी जिंदगी बिता सकें। यह एक साल का कोर्स होगा।

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May 27, 2024
Education

दारुल उलूम नदवातुल उलमा (नदवा कॉलेज) ने अपने छात्रों के लिए एक नया कदम उठाया है। अब कुरआन और हदीस के साथ-साथ छात्रों को कानून और संविधान की भी शिक्षा दी जाएगी। इस एक वर्षीय कोर्स का नाम 'लीगल लिटरेसी' है और कोर्स पूरा करने वाले छात्रों को एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

लीगल लिटरेसी कोर्स की शुरुआत

दारुल उलूम नदवातुल उलमा में लीगल लिटरेसी कोर्स की आधिकारिक शुरुआत की गई। इस अवसर पर अवकाश प्राप्त न्यायाधीश जस्टिस एसएम हसीब, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लॉ फैकल्टी के डीन प्रो. नसीम अहमद और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और नदवा के वरिष्ठ शिक्षक मौलाना अतीफ अहमद बस्तवी ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक शिक्षा के साथ कानून की शिक्षा भी आवश्यक है।

कोर्स का उद्देश्य

मौलाना अतीक अहमद ने कहा कि लीगल लिटरेसी कोर्स शुरू करने का मुख्य उद्देश्य मदरसे के छात्रों को संविधान और कानून की जानकारी देना है। ताकि वे संविधान और कुरआन के अनुसार अपनी जिंदगी बिता सकें। कानून की जानकारी से छात्रों को यह समझ में आएगा कि कौन सा कार्य देश के कानून के खिलाफ है और वे एक बेहतर इंसान और संविधान के जानकार बन सकेंगे।

इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का सहयोग


प्रो. नसीम अहमद ने बताया कि इंटीग्रल यूनिवर्सिटी और दारुल उलूम नदवा के बीच एक समझौता (एमओयू) साइन हुआ है, जिसके तहत छात्रों को एक वर्ष के कोर्स में कानून के पांच प्रमुख टॉपिक्स पढ़ाए जाएंगे। इसका पाठ्यक्रम तैयार कर लिया गया है।

कोर्स की विशेषताएं


फिलहाल इस कोर्स को छात्रों को कानून के प्रति जागरूक करने के लिए शुरू किया गया है। कोर्स पूरा होने के बाद छात्रों को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। हालांकि, इस सर्टिफिकेट का उपयोग वे लीगल प्रैक्टिस में नहीं कर सकते हैं।

निष्कर्ष


नदवा कॉलेज का यह नया कदम छात्रों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ कानून और संविधान की भी जानकारी देगा, जिससे वे एक बेहतर और कानून के प्रति जागरूक नागरिक बन सकेंगे।

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