लखनऊ में एक युवती ने श्यामवीर पर प्रेमजाल में फंसाकर आर्य समाज में शादी करने, गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पारा थाने में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद 15 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
Forced Abortion After Arya Samaj Marriage: राजधानी लखनऊ में एक युवती ने श्यामवीर नामक युवक पर प्रेमजाल में फंसाकर आर्य समाज में शादी करने, गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि शिकायत के 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। उधर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता के अनुसार, श्यामवीर (निवासी-बिराहिमपुर, थाना मलिहाबाद, लखनऊ) ने उसे प्रेम संबंध का भरोसा दिलाया और 30 जून 2025 को आर्य समाज में विवाह किया। युवती का आरोप है कि शादी के बाद कुछ समय तक वह उसके साथ रहा, लेकिन जब उसे गर्भावस्था का पता चला तो आरोपी ने गर्भपात के लिए दबाव बनाया। युवती का कहना है कि उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भपात कराया गया। इसके बाद भी उस पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न जारी रहा।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी और उसके परिजन उसे अन्य लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए दबाव डालते थे। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी गईं। युवती के मुताबिक, आरोपी पक्ष ने कहा कि “पैसे लेकर आओ, तभी साथ रखेंगे, वरना जान से मारकर सबूत मिटा देंगे।” उसने आरोप लगाया कि इन कथित धमकियों में आरोपी के पिता, भाई और बहन भी शामिल हैं।
पीड़िता ने लखनऊ के पारा थाने में लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, युवती का कहना है कि 15 दिन बीतने के बाद भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
उसने आरोप लगाया कि उसे सुलह-समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जबकि उसे अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर भय है।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला गंभीर है और जांच की जा रही है। मेडिकल दस्तावेज, विवाह से जुड़े कागजात और अन्य साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सुलह के दबाव के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी महिला की सहमति के बिना गर्भपात कराया जाता है तो यह गंभीर अपराध है। भारतीय दंड संहिता और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) अधिनियम के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है।
इसी प्रकार विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाना, प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देना भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपी और सहयोगियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
युवती का कहना है कि वह न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। उसे आशंका है कि आरोपी पक्ष से उसे खतरा हो सकता है। उसने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए और उसे सुरक्षा प्रदान की जाए। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि श्यामवीर का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ चोरी के मामलों में शिकायतें दी जाती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।