Lucknow Real Estate: उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने बीते साल में 259 रियल एस्टेट परियोजनाओं का पंजीकरण किया, जिसमें लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, और गाजियाबाद में हजारों घरों के निर्माण की योजना है। यह परियोजनाएं प्रदेश के तीन लाख घर खरीदारों को अपने सपनों का घर दिलाएंगी।
Good News RERA Registration: उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र के विकास से लाखों लोगों का घर का सपना पूरा होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा 259 परियोजनाओं का पंजीकरण किया गया है, जिसमें लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, और गाजियाबाद प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के तीन लाख घर खरीदारों को अपना घर मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में रियल एस्टेट परियोजनाओं की अधिक संख्या पंजीकृत की गई है। लखनऊ में 61 परियोजनाओं का पंजीकरण हुआ है, जिनमें लगभग 54,000 घरों का निर्माण किया जाएगा। गौतमबुद्ध नगर में 51 परियोजनाओं का पंजीकरण हुआ है, जिनमें 1,10,000 से अधिक घरों का निर्माण होने की संभावना है। रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि, ‘‘यह परियोजनाएं प्रदेश के विकास को नई दिशा देंगी और लगभग 2 लाख 70 हजार से अधिक परिवारों को अपने घर मिल सकेंगे। इन परियोजनाओं में लगभग 45,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।’’
लखनऊ की परियोजनाओं का अनुमानित निवेश 6,140 करोड़ रुपये है और कुल भूमि का क्षेत्रफल 10 लाख वर्गमीटर के करीब होगा। वहीं, गौतमबुद्ध नगर की परियोजनाओं का अनुमानित निवेश 21,000 करोड़ रुपये है, जबकि कुल भूमि का क्षेत्रफल 13.5 लाख वर्गमीटर के आसपास है।
गाजियाबाद में भी रियल एस्टेट परियोजनाओं का पंजीकरण हुआ है, और यहां पर मध्य एवं उच्च वर्ग के उपभोक्ताओं की अधिक मांग है। रियल एस्टेट सेक्टर में हो रहे इस विकास से ना सिर्फ बड़े शहरों बल्कि छोटे शहरों में भी घर खरीदारों की रुचि बढ़ी है।
प्रदेश के रियल एस्टेट विकास में बढ़ी है सुरक्षा और विश्वास
रेरा ने इन परियोजनाओं की गहनता से छानबीन की है, जिससे घर खरीदारों को कोई जोखिम नहीं होगा। रेरा के इस कदम से उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ा है और परियोजनाओं के समय पर पूरा होने की संभावना भी ज्यादा है।
इन परियोजनाओं का पंजीकरण और निवेश प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र के विस्तार को दर्शाता है। इस क्षेत्र में ढांचागत सविधाओं के विकास से रियल एस्टेट की मांग बढ़ी है, खासकर नोएडा, गाजियाबाद, और अन्य प्रमुख शहरों में। यह रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बहुत सकारात्मक संकेत है, जिससे न सिर्फ प्रदेश के विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जो रियल एस्टेट परियोजनाएं पंजीकृत की गई हैं, उनमें से अधिकांश मिड-सेगमेंट और लोअर-सेगमेंट के लिए हैं। इसका मतलब यह है कि प्रदेश के मध्यम और निम्न वर्ग के लोग भी अब अपने घर का सपना पूरा कर सकते हैं। रेरा के इस प्रयास से घर खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए यह बेहतरीन अवसर हो सकता है।
रेरा की पहल से उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट के विकास को एक नई दिशा मिल रही है। लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में रियल एस्टेट परियोजनाओं के पंजीकरण से लगभग तीन लाख लोगों को अपना घर मिलेगा। प्रदेश में बुनियादी ढांचागत सविधाओं का विकास और रियल एस्टेट क्षेत्र में हो रहा निवेश भविष्य में विकास और खुशहाली का संकेत है।