
खुशखबर। अब कृषि क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को मजदूर बढ़कर मिलेगी। यूपी सरकार ने कृषि क्षेत्र में मजदूरी बढ़ा दी है। कृषि क्षेत्र में मजदूरी की न्यूनतम दर अब नए सिरे से तय किए गए हैं। कृषि क्षेत्र के मजदूरों को अब प्रतिदिन 213 रुपए मजदूरी मिलेगी। मतलब अब बालिग मजदूरों को प्रतिमाह न्यूनतम 5538 रुपए या 213 रुपए रोजाना देना ही होगा। यदि कहीं इस दर से अधिक किसी को भुगतान किया जा रहा है तो उसी दर पर भुगतान किया जाता रहेगा। नई दर न्यूनतम है। अपर मुख्य सचिव श्रम सुरेश चंद्रा ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
अधिसूचना में शामिल है कई कार्य है कृषि कार्य
अधिसूचना में बताया गया है कि, खेत की जुताई-बुआई, उत्पादन, उगाना-काटना, भंडार करना, उपज को मंडी के लिए तैयार करना, मंडी में देना या मंडी तक पहुंचाने जैसे कृषि कार्य माने गए हैं। इसके अलावा सभी प्रकार के म्यूनिसिपल या कैंटोनमेंट की सीमा के छह किमी के भीतर के फार्म के श्रमिक व मशरूम की खेती में लगे श्रमिक भी दायरे में आएंगे। वन या काष्ठ कला संबंधी कार्य जो खेती के साथ किए जाते हैं के अतिरिक्त दुग्ध उद्योग, पशुधन, मधुमक्खी पालन, कुक्कुट पालन के कार्य भी इस श्रेणी में रखे गए हैं। मजदूरी की प्रति घंटा दर किसी भी सूरत में दैनिक दर के छठवें हिस्से से कम नहीं होगी।
अभी तक 201 रुपए प्रतिदिन थी न्यूनतम मजदूरी
मई 2022 में कोरोना काल के वक्त कृषि कार्य भूमि जोतने, बोने, फसल को उगाने, काटने में मंडी के लिए तैयार करने, मंडी तक परिवहन करने समेत कई अन्य श्रेणियों में काम करने वाले में कामगार की न्यूनतम मजदूरी 201 रुपए प्रतिदिन और 5226 रुपए प्रतिमाह की दर से दी जाती थी।