
लखनऊ. यूपी में कोरोना (Coronavirus in UP) के मामले बीते दिनों कुछ कम हुए हैं, लेकिन खतरा टल गया है ऐसा सोचना भी जल्दबाजी होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट (Highcourt) ने इसी को लेकर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने इस बात का संज्ञान लिया है कि लोग घोर लापरवाही बरतते हुए सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) व मास्क पहनने जैसे नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इस पर कोर्ट का आदेश है कि घर से बाहर निकलते वक्त यदि कोई मास्क नहीं पहनता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने पुलिस को यह कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजित कुमार की बेंच ने एक पीआईएल (PIL) पर सुनवाई करते हुए मास्क ना पहनने वालों पर सख्त टिप्पणी की। साथ ही कहा कि कोई भी शख्स घर के बाहर बिना मास्क पहने दिखाई दे, तो वह समाज के प्रति अपराध माना जाएगा। कोर्ट ने होम आइसोलेशन (Home Isolation) के मरीजों को लेकर भी आदेश जारी किया और कहा कि इन मरीजों को भी चिकित्सा सुविधाएं मिलनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि होम आइसोलेशन वाले मरीजों के एक्स-रे और सीटी स्कैन के लिए हर जिले में एक अलग अस्पताल की व्यवस्था की जाए।
यूपी में कोरोना के कुल चार लाख के करीब मामले पहुंच गए हैं। और सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति लखनऊ की ही है। जहां प्रतिदिन नौ सौ मामले सामने आ रहे हैं, हालांकि गुरुवार को अरसे बाद 659 मरीज ही मिले हैं।